निर्वाण दिवस पर संत समाज ने किए ब्रह्मलीन स्वामी रामस्वरूप महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित

Haridwar News
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त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन स्वामी रामस्वरूप महाराज-श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह
गुरू ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप हैं-स्वामी भगवत स्वरूप


हरिद्वार, 12 मार्च। ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी रामस्वरूप महाराज के द्वादश निर्वाण दिवस पर संत समाज ने उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर श्री गुरूमण्डलाश्रम में नवनिर्मित वातानुकुलित गुरूदेव संस्कृति भवन का उद्घाटन भी किया गया। श्री गुरूमण्डलाश्रम में आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी भगवत स्वरूप महाराज के संयोजन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए निर्मल पीठाधीश्वर श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी रामस्वरूप महाराज विद्वान संत थे।

समाज को धर्म और अध्यात्म का ज्ञान प्रदान करने के साथ मानव कल्याण में भी उनका अहम योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी भगवत स्वरूप महाराज जिस प्रकार अपने गुरूदेव के अधूरे कार्यो को आगे बढ़ा रहे हैं। वह सभी के लिए प्रेरणादायी है। महामंडलेश्वर स्वामी भगवत स्वरूप महाराज ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरू ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप हैं। वे सौभाग्यशाली हैं कि गुरू के रूप में उन्हें ब्रह्मलीन स्वामी रामस्वरूप महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। पूज्य गुरूदेव से प्राप्त ज्ञान और शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए आश्रम की सेवा परंपराओं को आगे बढ़ाना ही उनका लक्ष्य है।

महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, स्वामी रविदेव शास्त्री एवं स्वामी रघुवीर दास ने कहा कि अपने ज्ञान और विद्वता से धर्मनगरी हरिद्वार को गौरवान्वित करने वाले ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी रामस्वरूप महाराज सदैव सभी की स्मृतियों में जीवंत रहेंगे। स्वामी भगवत स्वरूप महाराज के शिष्य स्वामी शिव स्वरूप महाराज ने सभी संतों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। श्रद्धांजलि सभा का संचालन स्वामी हरिहरानंद ने किया। इस अवसर पर स्वामी प्रेमानंद, महंत साधनानंद, स्वामी विवेकानंद, महंत रूपेंद्र प्रकाश, महंत राघवेंद्र दास, महंत दामोदर शरण दास, महंत दर्शन दास, महंत विष्णु दास, स्वामी संतोष मुनि, महंत शांतानंद, स्वामी दिनेश दास, महंत जगदीश दास, स्वामी दयामूर्तयानंद, महंत मोहन सिंह, महंत सुतिक्ष्ण मुनि सहित बड़ी संख्या में संत महापुरूष और श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी रामस्वरूप महाराज को नमन किया।

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