विडियो:-रंगभरी एकादशी पर संतों ने मायादेवी मंदिर में खेली पंचगव्य से होली

Haridwar News
Spread the love

ब्यूरो


हरिद्वार, 27 फरवरी। हरिद्वार की अधिष्ठात्री मायादेवी मंदिर में शुकवार को रंगभरी एकादशी (आमलकी एकादशी) धूमधाम से मनाई गई। बद्रीनाथ पीठ के जगदगुरू शंकराचार्य राजेश्वरानंद गिरि महाराज की अध्यक्षता तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद व मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज व जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के मार्गदर्शन में देश भर से आए साधु-संतों ने पंचगव्य से होली खेलकर विश्व कल्याण के लिए प्रार्थना की।

इस दौरान जगदगुरू स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि महाराज का चादर विधि से अभिषेक भी किया गया। श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि हरिद्वार धर्म भूमि उत्तराखंड का द्वार है। हरिद्वार का अर्थ हरि व हर यानि भगवान विष्णु व भगवान शिव के द्वार से है। यहां पूजा-अर्चना करने से भगवान विष्णु व भगवान शिव तक पहुंचने का द्वार खुल जाता है। उत्तराखंड के चार धाम आंनद, मुक्ति व मोक्ष के द्वार हैं। पवित्र नगरी हरिद्वार में भगवान की कृपा से ही रंगभरी एकादशी जिसे आमलकी एकादशी भी कहा जाता है, मनाने का सौभाग्य प्राप्त होता है।

श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि महाराज की सनातन धर्म को मजबूत करने व सनातन धर्म की पताका पूरे विश्व में फहराने की यात्रा रंगभरी एकादशी से हरिद्वार की अधिष्ठात्री मायादेवी मंदिर से शुरू होना ईश्वरीय आशीर्वाद ही है। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर एवं जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि रंगभरी एकादशी का बहुत अधिक महत्व है, क्योंकि यह पर्व भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव को भी समर्पित है।

भगवान शिव विवाह के बाद माता पार्वती के साथ इस दिन ही काशी पहुंचे थे, जहां उनके स्वागत में समस्त शिवगणों, देवताओं और काशीवासियों ने अबीर और गुलाल उड़ाकर उत्सव मनाया था। तभी से काशी में रंगभरी एकादशी की बहुत अधिक धूम रहती है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद गिरि महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज, महामंडलेश्वर शैलेंद्रानंद गिरि महाराज, महामंडलेश्वर आनंदेश्वरानंद गिरि महाराज, जूना अखाड़े के महामंत्री श्रीमहंत महेश पुरी महाराज, महामंत्री श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि महाराज, महामंडलेश्वर कंचन गिरि महाराज, महंत गिरिशानंद गिरि महाराज, थानापति ज्वाला गिरि महाराज, मायादेवी मंदिर के पुजारी भास्कर पुरी महाराज, निर्वाण मंत्री साध्वी शैलजा गिरि महाराज सहित बड़ी संख्या में संत महंत मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *