तनवीर
विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है सनातन-स्वामी रूपेंद्र प्रकाश
हरिद्वार, 22 फरवरी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा जगजीतपुर फुटबॉल ग्राउंड में शिवाजी विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने कहा कि सनातन धर्म संसार का सबसे प्राचीन धर्म है। यह केवल एक धार्मिक पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कला है। जब हम हिंदू एकता की बात करते हैं तो इसका अर्थ केवल राजनीतिक या सामाजिक जुड़ाव नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सूत्र की पहचान है, जो आज करोड़ों लोगों को एक साथ बांधे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की विशालता इसकी उदारता में निहित है। आज के बदलते परिवेश में हिंदू एकता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। एकता में ही शक्ति है और संगठित हिंदू समाज ही एक सशक्त भारत और सुरक्षित भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि सनातन स्वाभिमान के रूप में अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हिन्दू स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में स्थापित हुआ तथा इसी के साथ सोमनाथ मंदिर, उज्जैन स्थित महलोक, बद्री केदार का पुनरुत्थान हिंदुओं का स्वाभिमान बन गया है। जब हम बंटे थे तो हमने बहुत कुछ खोया।
अब समय है एक होने का अपनी जड़ों की ओर लौटने का। एकता का मूल मंत्र संगठन शक्ति है और सनातन में ही शांति है। मुख्य वक्ता अनिल मित्तल ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत की पराधीनता का मुख्य कारण हिंदुओं का बिखराव है। उन्होंने व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का मंत्र दिया। अपनी 100 वर्ष की यात्रा में विशाल वट वृक्ष बन चुके संघ की पहचान केवल वैचारिक संगठन के रूप में नहीं बल्कि दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संस्थान के रूप में है। शताब्दी वर्ष के संकल्प में संघ अब स्वदेशी, स्वभाषा, स्व संस्कृति की दिशा पर जोर दे रहा है।
विशिष्ट अतिथि ममता डोबरियाल ने समाज में चल रहे पंच परिवर्तन के विषय को लेकर कहा कि परिवार के माध्यम से समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव लाना है। यदि हम अपने परिवार के भीतर पांच बुनियादी सुधार कर ले तो एक आदर्श समाज का निर्माण स्वयं हो जाएगा। मंच संचालन चित्रा शर्मा ने किया। कार्यक्रम में समा, रूही पाल, सृष्टि, परिधि, अवयव सैनी, सोनिया, अदिति एवं वर्षा आदि बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


