हरिद्वार, 19 जून। अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द गिरी एवं महामंत्री संत रामविशाल दास ने मेलाधिकारी को ज्ञापन देकर कुंभ मेले के दौरान आश्रमधारी संतों एवं आश्रमों को विशेष सुविधाएं और रियायत दिए जाने की मांग की है। स्वामी प्रबोधानंद गिरी एवं संत रामविशाल दास ने कहा कि कुंभ अवधि में आश्रमों पर लगने वाले सभी प्रकार के वाणिज्यिक कर एवं शुल्क पूर्णतः समाप्त किये जाएं।
हाउस टैक्स, सीवर टैक्स, जलकर एवं अन्य स्थानीय निकाय करों से आश्रमों को स्थायी रूप से मुक्त किया जाए और कुंभ अवधि हेतु पूर्ण छूट प्रदान की जाए। आश्रमों को धार्मिक एवं सेवा संस्थान मानते हुए विद्युत दरों को घरेलू/धार्मिक श्रेणी में रखा जाए तथा कुंभ अवधि के विद्युत बिलों में कम से कम 70 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाए। कुंभ मेला बजट से सभी आश्रमों के रंग-रोगन, सौंदर्यीकरण एवं कुंभ थीम आधारित सजावट का कार्य निःशुल्क कराया जाए। आश्रमों की क्षमता एवं पंजीकरण के आधार पर यात्री सेवा हेतु निःशुल्क राशन सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा आश्रमों के भवन मानचित्र (नक्शे) सरल प्रक्रिया से स्वीकृत किये जाएं तथा शुल्क में विशेष छूट प्रदान की जाए। आश्रमों में अस्थायी यात्री निवास, पंडाल, रसोई एवं सेवा शिविर स्थापित करने हेतु विशेष निःशुल्क व्यवस्थाएं उपलब्ध करायी जाए। आश्रमों को स्वच्छ पेयजल एवं अतिरिक्त जल कनेक्शन निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएं। कुंभ अवधि में आश्रमों के आसपास सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट एवं सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।
प्रत्येक आश्रम को उसके क्षेत्रफल एवं यात्री क्षमता के अनुसार पर्याप्त पार्किंग एवं यातायात पास उपलब्ध कराए जाएं। आश्रमों में आने वाले संतों, सेवकों एवं स्वयंसेवकों हेतु विशेष पहचान पत्र एवं वाहन पास जारी किये जाएं। आश्रम क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। आश्रमों में सीसीटीवी, सुरक्षा बैरियर एवं पुलिस सहायता केन्द्र स्थापित किये जाएं। कुंभ अवधि में आश्रमों के लिए गैस सिलेंडर, अग्निशमन उपकरण एवं अन्य आवश्यक सामग्री की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आश्रमों द्वारा संचालित भंडारों, सत्संगों एवं धार्मिक आयोजनों हेतु आवश्यक अनुमति एकल खिड़की के माध्यम से प्रदान की जाए।
कुंभ मेला प्रशासन द्वारा सभी आश्रमों की अधिकारिक सूची, लोकेशन एवं सेवा विवरण का डिजिटल प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा प्राप्त हो सके। कुंभ मेला क्षेत्र के सभी आश्रमों को तीर्थ यात्री सेवा केन्द्र का दर्जा प्रदान किया जाए। गौशाला संचालित आश्रमों को चारा, भूसा एवं पशु चिकित्सा सुविधाओं में विशेष सहायता प्रदान की जाए। आश्रमों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता सामग्री एवं कूड़ा संग्रहण की विशेष व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। कुंभ मेले की विभिन्न समितियों एवं परामर्श मंडलों में संत समाज एवं आश्रम प्रतिनिधियों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। इस दौरान बाबा हठयोगी, स्वामी सत्यव्रतानंद व अन्य संत शामिल रहे।


