ज्ञान का अथाह भण्डार है श्रीमद्भागवत कथा-पंडित पवन कृष्ण शास्त्री

Haridwar News
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ब्यूरो
हरिद्वार, 22 अप्रैल। ज्वालापुर स्थित गोल गुरूद्वारा के निकट रामनगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि सभी को अपने बुजुर्गो का सम्मान करना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान का अथाह भण्डार है। कथा के श्रवण से ज्ञान प्राप्ति के साथ जीवन में परिवर्तन आता है। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं के माध्यम से बताया है कि माता-पिता एवं सास ससुर और बड़ों का सम्मान करने से जीवन की समस्त विघ्न बाधाएं दूर हो जाती हैं। शास्त्री ने बताया कि भागवत कथा का आयोजन एवं श्रवण करने बच्चों को संस्कारों की प्राप्ति होती है और उनमें बुजुर्गो का सम्मान करने की भावना विकसित होती है। मुख्य यजमान जमुना देवी धीगड़ा, गीता देवी धीगड़ा, रवि धीगड़ा, ममता धीगड़ा, संजय धीगड़ा, चंचल धीगड़ा, मोहित धीगड़ा, शालू धींगड़ा ने भागवत पूजन किया।