तनवीर
निजी स्कूलों की मनमानी के नाम पर खबरों में सुर्खिया बटोरने वाले जनप्रतिनिधियों का इंतजार समाप्त
हरिद्वार, 1 अप्रैल। स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रियाएं शुरू होने के साथ ही जनप्रतिनिधियों का इंतजार भी समाप्त होने वाला है। निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर समाचार पत्रों में सुर्खियां बटोरने के लिए बेताब रहने वाले जनप्रतिनिधियों को भी स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार रहता है। फीस में बढ़ोतरी, कोर्स और ड्रैस आदि के नाम पर अभिभावकों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जनप्रतिनिधि प्रदर्शन आदि कर अखबारों में खूब खबरें छपवाते हैं। निजी स्कूलों की मनमानी के नाम पर कुछ दिनों तक समाचार चैनलों और सोशल मीडिया में छाए रहने के बाद शांत हो जाते हैं। लेकिन अभिभावकों को जनप्रतिनिधियों की इस कवायद से कोई लाभ नहीें होता है।
निजी स्कूलों की मनमानी के नाम पर जनप्रतिनिधियों के विरोध प्रदर्शन को ना तो स्कूल कोई अहमियत देते हैं, ना ही प्रशासन। निजी स्कूलों की मनमानी पूरे वर्ष जारी रहती है और अभिभावक खुद को ठगा महसूस करते हैं। पिछले कई वर्षो से जारी यह सिलसिला इस वर्ष भी जारी रहने वाला है। अभिभावकों का कहना है कि मात्र प्रचार पाने के लिए विरोध प्रदर्शन से कुछ होने वाला नहीं है। जनप्रतिनिधियों को प्रचार हासिल करने और समाचार पत्रों में फोटो छपवाने के बजाए समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास करने चाहिए।


