–डीईआई में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नवाचार और उद्योग में उपयोग पर सेमिनार
–विशेषज्ञों ने एआई के माध्यम से शोध को बाजार से जोड़ने और करियर अवसरों पर दी जानकारी
आगरा: दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) के शिक्षा संकाय के एसओई सेमिनार हॉल में 13 मार्च 2026 को “एआई इनोवेशन: बुद्धि और बाजार का सेतु” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन फुटवियर टेक्नोलॉजी विभाग और कृषि इंजीनियरिंग विभाग ने इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के सहयोग से संयुक्त रूप से किया।
सेमिनार का उद्देश्य मानव बुद्धि और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बीच विकसित हो रहे संबंधों को समझना तथा अनुसंधान से विकसित विचारों को व्यावहारिक और बाजार उन्मुख अनुप्रयोगों में बदलने की संभावनाओं पर चर्चा करना था। कार्यक्रम में उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने नवाचार, व्यवसाय विकास और तकनीकी परिवर्तन में एआई की भूमिका पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम मुख्य संरक्षक प्रो. सी. पटवर्धन और संरक्षक प्रो. डी. के. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। आयोजन सचिव डॉ. अशोक यादव, डॉ. अतुल दयाल और श्री अर्जुन वर्मा ने कार्यक्रम का समन्वय किया। आयोजन समिति में डॉ. अंजिता कृष्णा पी.आर., डॉ. प्रियंका गुंजन, श्री मुकेश कुमार सीतपाल, सुश्री निशा वर्मा, श्री सचिन दिवाकर और श्री पवन कुलश्रेष्ठ शामिल रहे। छात्र समिति के सदस्य श्री यश उपाध्याय और श्री आर्यन वर्मा ने भी कार्यक्रम के संचालन में सहयोग दिया।
सेमिनार में कई विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। अमेरिका की ग्लोबल कैटेगरी डायरेक्टर (प्रोक्योरमेंट) सुश्री मीता सत्संगी ने “प्रोक्योरमेंट और सप्लाई चेन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि एआई तकनीकें संगठनों को बेहतर निर्णय लेने, लॉजिस्टिक्स संचालन को अनुकूलित करने और सप्लाई चेन की दक्षता बढ़ाने में मदद करती हैं।
ज़ेनविव वेलनेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुमित पुरी ने “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: खुद को भविष्य के लिए कैसे तैयार करें” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने एआई के उभरते रुझानों, नैतिक पहलुओं और डिजिटल युग में कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया।
आइडनहाइव टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और निदेशक श्री गुर दयाल भटनागर ने कहा कि एआई के उपयोग से फुटवियर उद्योग में उत्पाद डिजाइन, विनिर्माण दक्षता और उपभोक्ता विश्लेषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव संभव हैं। वहीं डेटा विश्लेषक और करियर मार्गदर्शन कोच श्री अचराज प्रकाश ने डेटा एनालिटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में करियर के अवसरों पर मार्गदर्शन दिया।
सेमिनार में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी छात्रों के साथ विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में 150 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। सेमिनार का समापन धन्यवाद प्रस्ताव, विश्वविद्यालय गीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ।


