तनवीर
जनता को जागरूक करना ही उद्देश्य-डा.केपीएस चौहान
हरिद्वार, 25 अप्रैल। इ.एम.ए. (इलेक्ट्रोहोम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन) द्वारा विश्व मलेरिया दिवस के उपलक्ष मे एक दिवसीय मेडिकल संगोष्ठी का आयोजन बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिकल साइंस एंड कैंसर रिसर्च सेंटर में किया गया। जिसमें मलेरिया बुखार के उन्मूलन, बचाव, रोकथाम व इलेक्ट्रोहोम्योपैथी चिकित्सा पर चर्चा की गई।
संगोष्ठी का शुभारंभ इएमए इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.के.पी.एस चौहान ने किया। इस अवसर पर डा.चौहान ने कहा कि विश्व में 2008 से मलेरिया दिवस मनाने की शुरुआत की गई और मलेरिया को जड़ से खत्म करना, इस पर नियंत्रण पाने के साथ साथ जनता में जागरूकता लाना ही इसका मुख्य उद्देश्य है। यह बुखार प्लाज्मोडियम वाइवैकस मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है और इसमें यकृत एवं तिल्ली बढ़ जाती है।
डा.चौहान ने यह भी बताया कि जैसे कि कोरोना का एक्सई वेरिएंट फैलने का अंदेशा व्यक्त किया जा रहा है। इससे बचाव के लिए इलेक्ट्रोहोम्योपैथी की इम्यून अप मेडिसिन अधिक कारगर है। इ.एम.ए. गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी शिविर आयोजित कर निःशुल्क मेडिसिन वितरित करेगी। प्राचार्या डा.वी.एल. अलखनिया ने कहा कि यह मच्छर ठहरे हुए पानी में पनपता है। इस बुखार से बचने के लिए शरीर को ढक कर रखें, मच्छर रोधी क्रीम लगाएं, सोते समय मच्छर दानी का उपयोग करें, अपने घर के आसपास पानी इकट्ठा ना होने दें। इस बुखार में इलेक्ट्रोहोम्योपैथी चिकित्सा बहुत ही उपयोगी है।
इलेक्ट्रोहोम्योपैथी मेडिसिन से बचाव भी तथा चिकित्सा भी दोनों ही बिना किसी साइड इफेक्ट के होती हैं। संगोष्ठी को गुलाम साबिर, मंजुला होलकर, शमां प्रवीण, हीना कुशवाहा, लक्ष्मी कुशवाहा, शिवांकी कल्याण, बी.बी.कुमार, आवेश चैहान, एम.टी. अंसारी ने सम्बोधित किया।


