माता पिता की परिक्रमा कर प्रथम पूजा के अधिकारी बने गणेश-पंडित पवन कृष्ण शास्त्री

Haridwar News
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ब्यूरो
हरिद्वार, 8 अप्रैल। श्री दरिद्र भंजन महादेव मंदिर कनखल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराते हुए भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने माता पिता की सेवा अवश्य करनी चाहिए। शास्त्र के अनुसार माता पिता और गुरु तथा देवताओं का स्थान एक समान है। माता पिता और गुरु की सेवा तथा उनकी आज्ञा का पालन करने वाले का कल्याण अवश्य होता है। उन्होंने कहा कि पुराणों में वर्णन मिलता है कि प्रथम पूजा के अधिकार को लेकर देवताओं ने तय किया कि जो सबसे पहले पृथ्वी की परिक्रमा कर वापस लौटेगा वही प्रथम पूजन का अधिकारी होगा।

गणेश माता पार्वती और भगवान शिव की परिक्रमा कर प्रथम पूजा के अधिकारी बने। गणेश ने कहा कि मां पृथ्वी और पिता का आकाश का स्वरूप हैं। इसलिए उनकी परिक्रमा करने से संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा का फल मुझे प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर मुख्य यजमान कुसुम गुप्ता, दिनेश गुप्ता, सुनीता गुप्ता, सीमा गुप्ता, सोमेश गुप्ता, सरिता गुप्ता, अजय गुप्ता, कोमल गुप्ता, विजय गुप्ता, कामनी गुप्ता, विकाश गुप्ता, रुचि गुप्ता, रिंकू गुप्ता, डीके गुप्ता, रितेश गुप्ता, नीरज शर्मा, विमल गुप्ता, सुनीता गुप्ता, सुनील गुप्ता, सत्यम, शिवाय, चिराग, कार्तिक, आरवी, माधव, अनिया, पंडित कृष्ण कुमार शास्त्री, पंडित रमेशचंद्र गोनियाल, पंडित राजेंद्र पोखरियाल, पंडित नीरज कोठारी आदि मौजूद रहे।

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