तनवीर
हरिद्वार, 17 मार्च। भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव इरशाद अली ने सभी को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं। इरशाद अली ने कहा कि रोजा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह इंसान को सब्र, त्याग और दूसरों के दर्द को महसूस करने की सीख देता है। इरशाद अली ने कहा कि ईद का त्योहार प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है, जिसे पूरे समाज के साथ मिलकर मनाना चाहिए। ईद की खुशियां तभी मुकम्मल होती हैं, जब हम अपने आसपास के जरूरतमंद, गरीब और असहाय लोगों को भी इसमें शामिल करें।
उन्होंने कहा कि समाज में आज भी कई ऐसे परिवार हैं जो आर्थिक तंगी के कारण त्योहार की खुशियों से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में सक्षम और संपन्न लोगों का यह कर्तव्य बनता है कि वे आगे आकर उनकी मदद करें, जिससे हर घर में ईद की रौनक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना हमें यह सिखाता है कि हम अपने अंदर की बुराइयों को खत्म करें और अच्छे कर्मों की ओर बढ़ें। जरूरतमंदों की मदद करना, भूखे को खाना खिलाना और दूसरों के दुख-दर्द में साथ देना ही इस पवित्र महीने की असली भावना है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ईद को सिर्फ अपने परिवार और रिश्तेदारों तक सीमित न रखें, बल्कि समाज के हर वर्ग के लोगों को अपनी खुशियों में शामिल करें। इससे न केवल सामाजिक एकता मजबूत होगी, बल्कि भाईचारे और इंसानियत की मिसाल भी कायम होगी।


