तनवीर
हरिद्वार, 2 अक्तूबर। नवोदय नगर में श्री रामलीला के मंचन पर बतौर मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत के अध्यक्ष राव अफाक अली ने शिरकत की। जहां रामलीला के मंच पर राजा जनक के धर्मगुरु ने राज्य में पड़ रहे आकाल एवं भूखमरी के उपाय हेतु राजा जनक को कहा कि आप सोने का हल चलाओ, तो राजा जनक और उनकी रानी ने सोने का हल चलाया। उसी समय धरती मे हल के आगे एक विचित्र वस्तु आ गई। जिसे खोलकर देखा तो उसमें एक बहुत सुंदर कन्या निकली तो राजा जनक के गुरु ने कहा कि यह ईश्वर का आपको वरदान है।
समय और सभी ग्रहों के अनुकूल इसका नाम जगत जननी सीता रखो। तभी राज्य में आकाल खत्म हो गया और फसलंे लहलाने लगी और राज्य खुशहाल हो गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राव आफाक अली का संरक्षक मंडल के समाजसेवी कुंवर सिंह बिष्ट, राकेश राजपूत, अतोल सिंह गोसाई व मंच के अध्यक्ष एमडी शर्मा, संदीप शुक्ला, राजेश कंसल, जयकिशन न्यूली, सुनील नैनवाल, शान सिंह रावत, कृष्ण यादव, अतुल नेगी, वाशु नोडियाल, रवि गुप्ता, प्रेम रावत, सलेश यादव, हेमंत शर्मा, राकेश शर्मा, विनय सिंह, अमित अवस्थी, त्रिलोक सिंह बिष्ट, विजयपाल रावत, राजीव कठेत, विक्रांत त्यागी, राकेश मिश्रा, आरएन मिश्रा , चंद्रमणि राय, नीरज सैनी, अवतार सेमवाल, अंकुर त्यागी, एड. गौरव शर्मा, वीरेंद्र शुक्ला, उपेंद्र श्रीवास्तव, अभिषेक शर्मा, रामजीत पटेल, संजीव यादव, ज्ञानेंद्र कुशवाहा, राजेश प्रजापति, सोनू कुमार, गणेश मेहरा, श्रीकांत पाठक आदि आयाजकांे ने राव आफाक अली व पूनम नेगी को पटका एवं शील्ड देकर सम्मानित किया।
राव आफाक अली ने कहा कि हिंसा और नफरत से राम राज्य की कामना नही की जा सकती। सदभावना, समानता, प्यार और भाईचारे से ही भारत में रामराज्य स्थापित किया जा सकता है। किसी को मारपीट करके जय श्री राम कहलवाना अधर्म है। इसलिए धर्म की जीत और अधर्म का नाश कहा जाता है। भारत वासियों को मिलजुलकर ही देश को दुनिया में नंबर वन बनाना है और रामराज्य को लाना है।अल्लामा इकबाल ने श्रीराम को इमामे हिन्द कहा था। इसलिए श्रीराम सिर्फ हिंदुओ के नही सभी हिंदुस्तानियों के हैं। राव आफाक अली ने कहा की मेरा डीएनए श्रीराम का है और मेरा दीन मोहम्मदी है।
हमारे मुहम्मद मुस्तफा सल्लालाहू अलाहै वसल्लम रहमतुल्लील आलामीन हैं, जो सबके है। इसलिए अपने बच्चों को यही शिक्षा दो कि सभी धर्माे का आदर एवं सम्मान करें। सनातनी धर्म वाले पूजा करें और मुसलमान नमाज पढं़।े लेकिन ईश्वर अल्लाह सबका एक ही है। कोई मंदिर में बैठकर उससे प्रार्थना करता है, तो कोई मस्जिद में बैठकर उससे दुआ करता है। अगर ईश्वर अल्लाह सिर्फ हिंदुओं के होते हैं तो सारी दुनिया हिंदू होती अगर अल्लाह सिर्फ मुसलमान के होते हैं तो सारी दुनिया मुसलमान होती। इसलिए हर समाज हर कौम हर भाषा व दुनिया के हर कोने में ईश्वर/अल्लाह ने अपने मैसेंजर उतारे हैं। जिन्होंने इंसानियत को ही सबसे बड़ी इबादत बताया। इसलिए श्रीराम के जीवन को जियो तो त्याग तपस्या और बलिदान सेवा सुरक्षा और सद्भावना जीवन में आ जाएगी तो राम राज्य की स्थापना स्वतः ही हो जाएगी। इस अवसर पर राव आफाक अली के साथ राव मुन्ना, फहीम राणा, यावर अली एडवोकेट आदि ने भी श्रीराम लीला मे शिरकत की।


