तनवीर
हरिद्वार, 4 जनवरी। बी.एच.ई.एल. अनुसूचित जाति एम्पलाईज वैलफेयर एसोसिएशन हीप एवं सीएफएफपी के तत्वाधान में संचालित डा.भीमराव अम्बेडकर शिक्षा सहभागिता कार्यक्रम द्वारा सावित्री बाई फूले जयंती धूमधाम से मनायी गयी। डा.भीमराव अंबेडकर भवन सेक्टर-1 में आयोजित कार्यक्रम में डा.भीमराव अम्बेडकर शिक्षा सहभागिता कार्यक्रम की टीम, अध्यनरत बच्चे एवं अभिभावक शामिल हुए। मुख्य अतिथि भेल नगर प्रशासक अपर महाप्रबंधक संजय पंवार ने डा.भीमराव अंबेडकर एवं माता सावित्री बाई फूले की प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पित कर माता सावित्री बाई फूले के जीवन एवं संघर्षाे को याद करते हुए बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि माता सावित्री बाई फूले के प्रयासों का परिणाम है कि आज महिलाएं पढ लिख कर हर क्षेत्र मे देश का मान बढा रही हैं। डा.भीमराव अम्बेडकर शिक्षा सहभागिता कार्यक्रम द्वारा बेटी बचाओ- बेटी पढाओ कार्यक्रम के तहत माता सावित्री बाई फूले के सपने को साकार किया जा रहा है। इस अवसर पर बी.एच.ई.एल. अनुसूचित जाति एम्प्लाईज वैलफेयर एसोशिएसन हीप एवं सीएफएफपी के नव वर्ष कैलेंडर का विमोचन भी किया गया।
शिक्षा सहभागिता कार्यक्रम के संरक्षक आरएल व्यास ने बाबा साहेब डा.भीमराव अम्बेडकर के कथन ‘मैं किसी भी समुदाय की प्रगति को उस समुदाय की महिलाओ द्वारा हासिल की गई प्रगति से मापता हूं,‘ को दोहराते हुए महिला शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। सन्युक्त प्रभारी शिवकुमार सावित्री बाई फूले के संघर्षाे को याद करते हुए सभी से अपील की कि परिवार में प्रत्येक बच्चे को अवश्य पढाएं और डा.भीमराव अम्बेडकर शिक्षा सहभागिता कार्यक्रम से जुडंे। उन्हांेने कहा कि प्रत्येक बच्चे की शिक्षा उसका मौलिक अधिकार है। हम सभी की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि बच्चो के मौलिक अधिकार को उन तक पहुचाएं। एसोशिएसन के महामंत्री रविंद्र कुमार ने कहा कि माता सवित्री बाई फुले ने महिलाआंे को शिक्षित बनाने के लिए जो पहला कदम उठाया था। उसी का परिणाम है आज प्रत्येक क्षेत्र मे महिलाएं देश को आगे बढाने मे अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम का संचालन मुकेश कुमार ने किया। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकांे, बच्चांे के साथ मुख्य प्रभारी रविकांत बंधु, सहप्रभारी योगेंद्र सिहं, डयूटी प्रभारी धीरसिहं, कुलदीप सिहं, अरविंद कुमार, रविंद्र कुमार, अजय कुमार, सोनू, मोहकम सिंह, करणपाल, राम अवतार, अशोक, भगवान दास, मंजीत सिंह, भानपाल, जयपाल, जगपाल, मनोज, जितेंद्र, धर्मराज, राजेन्द्र देवल, सीपी सिंह, ब्रह्मपाल, सुखपाल, रूपचंद आजाद, शिवचरण, पवन, सुधीर वर्मा, अशोक कटारिया, संदीप आदि शामिल रहे।


