तनवीर
हरिद्वार। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को झांसा देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो और सदस्यों को जीआरपी ने बिहार के सीतामढ़ी से गिरफ्तार किया है। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर हरिद्वार लाकर कोर्ट में पेश किया गया। जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने इनके पास से पीड़ित का मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किया है।
जीआरपी एसपी अरुणा भारती ने बताया कि यह गिरोह मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वांचल के मजदूरों को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य पीड़ितों से उनकी स्थानीय बोली में बात कर पहले उनका भरोसा जीतते थे और फिर मदद के बहाने ठगी करते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए ये लोग हर 5-7 दिन में अपना ठिकाना बदल देते थे।
अयोध्या निवासी मनोज कुमार तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 31 दिसंबर 2025 को हरिद्वार स्टेशन पर एक युवक ने खुद को टीटीई का रिश्तेदार बताकर उन्हें ट्रेन में सीट दिलाने का भरोसा दिया। आरोपी ने उनका मोबाइल और आधार कार्ड ले लिया और यूपीआई के जरिए उनके खाते से 60,500 रुपये उड़ा लिए।
थाना प्रभारी निरीक्षक बिपिन चंद्र पाठक के नेतृत्व में गठित टीम ने जब जांच शुरू की, तो पता चला कि ठगी में इस्तेमाल सिम कार्ड और मोबाइल फोन चोरी के थे। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल (CDR) के आधार पर पुलिस ने बिहार के सीतामढ़ी जिले में दबिश दी। वहां से आरोपी राजेश कुमार और विपिन कुमार को गिरफ्तार किया गया। इस गिरोह के दो सदस्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं।


