हरिद्वार, 29 मई। विश्व तंबाकू निषेध दिवस को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सभागार में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में तंबाकू निषेध के साथ मध्यस्थता एवं प्री-लिटिगेशन विषयों पर चर्चा की गई। गोष्ठी की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर रहीं। गोष्ठी में क्वांटम यूनिवर्सिटी भगवानपुर के विधि विभाग के प्राध्यापक एवं विधि के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की टीम के सदस्य रोहित यादव और विनोद कुमारी ने तंबाकू की रोकथाम तथा नशे से होने वाले गंभीर दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। एडीजीसी सिविल अनिल कुमार ने प्री-लिटिगेशन और मध्यस्थता के महत्व को समझाया। एडीजीसी फौजदारी कुशलपाल सिंह चौहान ने मध्यस्थता अधिनियम के कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। एडीजीसी पॉक्सो आदेश चौहान ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट तथा एडवोकेट ललित मिगलानी ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर क्राइम व एनडीपीएस एक्ट से संबंधित जानकारियां दी।
इसके अलावा अधिकार मित्र राघवेंद्रनाथ धारी ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम और कार्यप्रणाली के बारे में जागरूक किया। गोष्ठी के मध्य में क्वांटम यूनिवर्सिटी के विधि के छात्र-छात्राओं ने जनपद न्यायाधीश नरेंद्र दत्त, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप कुमार तथा अन्य न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में न्यायालय परिसर में तंबाकू निषेध एवं इसके दुष्प्रभावों पर आधारित एक अत्यंत प्रेरणादायक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
गोष्ठी के समापन पर सिविल जज सीनियर डिवीजन ज्योति बाला, प्रथम अपर सिविल जज एसडी/एसीजेएम छवि बंसल तथा सचिव सिमरनजीत कौर ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करने वाले छात्रों और गोष्ठी में विचार रखने वाले सभी वक्ताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी रमन कुमार सैनी, लॉ इंटर्न सोमा सरन और अपूर्वा चौधरी भी उपस्थित रहीं।


