हरिद्वार, 9 अक्टूबर। श्री रामलीला कमेटी (बड़ी रामलीला) के रंगमंच पर सीता जन्म और ताड़का वध की लीला का भव्य मंचन किया गया। दादा गुरु भगवत शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में राम, लक्ष्मण, विश्वामित्र, ताड़का, राजा जनक, किसान आदि पात्रों की भूमिका में कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय, शानदार संवाद अदायगी और भावपूर्ण प्रस्तुति से रामलीला देखने आए दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
ताड़का की डरावनी प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया तो मिथिला में सूूखा पड़ने पर किसान की व्यथा और वर्षा के लिए राजा जनक के हल चलाने के दृश्य को देखकर दर्शक भावुक हो गए। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा ने कहा कि रामलीला हमारी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और संस्कारों का प्रतीक है। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।
कमेटी का प्रयास है कि प्रतिवर्ष रामलीला का आयोजन और अधिक भव्यता के साथ किया जाए। रामलीला संपत्ति कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील भसीन ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को मर्यादा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला उत्सव है। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति आयोजन की सफलता और भगवान श्रीराम के प्रति लोगों की अटूट आस्था को दर्शाती है। मंच संचालन ट्रस्ट के मंत्री विनय सिंघल एवं प्रवक्ता डा. संदीप कपूर ने किया।
इस अवसर पर कमेटी के महामंत्री महाराज कृष्ण सेठ, रविकांत अग्रवाल, अंजना चड्ढा, कन्हैया खेवड़िया, ऋषभ मल्होत्रा, पवन शर्मा, राहुल वशिष्ठ, विशाल गोस्वामी, विकास सेठ, महेश गौड़, सुरेंद्र अरोड़ा, अनिल सखूजा, गोपाल छिब्बर, वीरेंद्र गोस्वामी, मनोज बेदी, सुनील वधावन, मनोज सहगल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, सदस्य एवं दर्शक मौजूद रहे।




