विडियो:-झिलमिल झील संरक्षण रिजर्व के गेट पर्यटकों के लिए खुले, DFO ने दिखाई हरी झंडी

Haridwar News
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हरिद्वार। हरिद्वार-लालढांग मार्ग पर स्थित झिलमिल झील संरक्षण रिजर्व के गेट गुरुवार से पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। हरिद्वार के डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जंगल सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 15 अक्टूबर से 30 जून तक पर्यटक यहां जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।

राजाजी टाइगर रिजर्व और जिम कॉर्बेट पार्क की तर्ज पर झिलमिल झील संरक्षण रिजर्व भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण यहां हर साल पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस संरक्षित क्षेत्र में पर्यटकों को हाथी, गुलदार, भालू, चीतल, हिरन, सांभर समेत कई वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर मिलता है। कई बार यहां बाघ के भी दीदार हो जाते हैं। इसके साथ ही वुड्स लैंड और ग्रास लैंड का अद्भुत नजारा भी देखने को मिलता है।

रिकॉर्ड राजस्व, बढ़े पर्यटक

वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में झिलमिल झील में जंगल सफारी के लिए रिकॉर्ड 16,717 पर्यटक पहुंचे, जिससे विभाग को 53 लाख 1 हजार 200 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पिछले सीजन में 10,840 पर्यटकों ने सफारी की थी और विभाग को 31 लाख 19 हजार 525 रुपये की आय हुई थी।

पिछले पांच वर्षों में कुल 42,864 पर्यटक यहां जंगल सफारी का लुत्फ उठा चुके हैं, जिससे वन विभाग को लगभग 1.23 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। उम्मीद है कि इस वर्ष जंगल सफारी पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी।

डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि मानसून के चलते 30 जून को सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को देखते हुए झिलमिल झील के गेट बंद कर दिए जाते हैं। विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सैलानी ऑफलाइन पंजीकरण कर जंगल सफारी कर सकते हैं।

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