अजरानंद अंध विद्यालय के 2 बच्चों को मिली नई रोशनी

Haridwar News
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हरिद्वार, 14 मई। वसुधैव कुटुम्बकम् फाउंडेशन के प्रयासों से अजरानंद अंध विद्यालय के दो दृष्टिबाधित बच्चों की जिंदगी में रोशनी की नई किरण जगी है। विशेष चश्मे लगने के बाद 13 वर्षीय राजकुमार और 11 वर्षीय कृष्णा की दृष्टि में काफी सुधार हुआ है, और अब उन्हें देखने में आ रही समस्या से राहत मिली है। वसुधैव कुटुम्बकम् फाउंडेशन एवं ब्लड वॉलंटियर्स हरिद्वार की टीम के संयुक्त तत्वावधान में अजरानंद अंध विद्यालय में एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा एक वृहद नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में विद्यालय के लगभग 65 दृष्टिबाधित बच्चों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान 6 बच्चों में उपचार की संभावना पाई गई, जिन्हें आगे के इलाज के लिए एम्स बुलाया गया।

एम्स में परीक्षण के बाद 2 बच्चों राजकुमार (13) और कृष्णा (11) में विशेष चश्मों से दृष्टि सुधार की संभावना बताई गई। इन विशेष चश्मों की व्यवस्था के लिए उपाध्यक्ष निधि अग्रवाल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर व्यक्तिगत डोनेशन के माध्यम से दोनों चश्मों की पूरी पेमेंट की। उपाध्यक्ष निधि अग्रवाल ने बतायारू यह भावुक कर देने वाला पल था। जब राजकुमार और कृष्णा ने पहली बार चश्मा लगाया और साफ-साफ देखकर मुस्कुराए, तो लगा कि हमारी मेहनत सफल हो गई। उन्होंने कहा कि चश्मा नहीं है, बल्कि यह छात्रों के लिए नई उम्मीद और नई जिंदगी है।

सहकोषाध्यक्ष पूजा अरोड़ा ने कहा कि ब्लड वॉलंटियर्स हरिद्वार के सहयोग से यह हमारा पहला नेत्र शिविर था। बच्चों की जांच से लेकर एम्स तक ले जाने और फिर चश्मे दिलाने तक की पूरी प्रक्रिया में टीम ने भी मेहनत की। जब बच्चे हमें पहचान कर नाम लेकर बुलाते हैं, तो सारी थकान दूर हो जाती है। विद्यालय प्रबंधन ने फाउंडेशन, एम्स, निधि अग्रवाल एवं उनकी टीम तथा ब्लड वॉलंटियर्स हरिद्वार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल दृष्टिबाधित बच्चों के लिए वरदान साबित हुई है।

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