पेसमेकर लगाने का तरीका बदला, अब दिल के अंदर लगाए जा सकते हैं छोटे वायरलेस डिवाइस
हरिद्वार: दिल की धड़कन धीमी होने या अनियमित रहने पर पेसमेकर लगाने की जरूरत पड़ सकती है। अब तक साधारण पेसमेकर लगाने के लिए छाती की त्वचा के नीचे एक छोटा पॉकेट बनाया जाता था और पतले तारों को नसों के जरिए दिल तक पहुंचाया जाता था। समय के साथ इन में खराबी, टूटने या […]
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