तनवीर
ज्वालापुर के बाजारों में बिक रहे कई किस्म के खजूर
हरिद्वार, 11 मार्च। रोजा खोलने लिए रोजेदारों की पहली पसंद खजूर है। सुन्नत के अनुसार भी रोजा खजूर से ही खोला जाना चाहिए। इसलिए अधिकांश रोजेदार खजूर से ही रोजा खोलते हैं। माहे रमजान में खजूर की मांग भी बढ़ जाती है। खजूर को स्वाद के साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। रमजान के दौरान उपनगरी ज्वालापुर के मुख्य बाजारों एवं ठेलियों पर खजूर की खूब बिक्री हो रही है। कई किस्म की खजूर बाजार में उपलब्ध है। ठेली पर खजूर बेच रहे इरफान ने बताया कि रोजा खोलने के लिए अधिकांश रोजेदार खजूर का इस्तेमाल करते हैं। बाजार में खजूर 1200 से लेकर डेढ़ सौ रुपए तक उपलब्ध है।
भारत के बाजारों में खजूर की सप्लाई मुख्यतः ईरान एवं सऊदी अरब से होती है। इसके अलावा भारतीय खजूर की बिक्री भी खूब होती है। उन्होंने बताया कि अजूवा खजूर का रेट बारह सौ रूपए प्रति किलो है। इसके अलावा डेग लेटनूर, बरही कीमिया, सुफ्करी जहीदी एवं खालस, मेडजूल, डेगलेट नूर, शायरे मजाफेती, कब कब, रसगुल्ला, ईरान की कीमियां शुक्रि, फरहा कलमी, गोल्ड आदि कई किश्म की खजूर बाजारों में खूब बिक रही है। इरफान ने बताया कि अमरीका इरान युद्ध का असर भी बाजार पड़ रहा है। कुछ जमाखोर व्यापारी मुनाफा कमाने के चक्कर में भ्रम फैलाकर महंगी चीज बेचने से पीछे नहीं रहे हैं।


