तनवीर
हरिद्वार, 27 नवम्बर। डा.भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति जनजाति वेलफेयर सोसायटी की और से संविधान दिवस पर शिवालिक नगर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तराखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल कामता प्रसाद मुख्य अतिथी तथा विजय सिंह, डा.विजय भारती, मानवाधिकार आयोग के सदस्य शांति लाल रघुवान विशिष्ट अतिथी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भेल हरिद्वार यूनिट के पूर्व महाप्रबंधक आरयू प्रसाद ने की। समिति के सदस्यों एवं गणमान्य ने अतिथीयों का स्वागत किया।
इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत रामपाल सिंह, एडीओ बालेश्वर सिंह, राजेश गौतम, तीर्थपाल रवि, सुनील कुमार, विनय सकरवाल, कुलभूषण को सम्मानित किया गया और सभी ने भारत रत्न बाबा साहब डा.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथी उत्तराखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल कामता प्रसाद ने सभी को संविधान दिवस की बधाई देते हुए कहा कि संविधान भारत की आत्मा, लोकतंत्र की सबसे मजबूत आधारशिला और प्रत्येक नागरिक के सम्मान, अधिकार व समान अवसरों का संवाहक है। उन्होंने कहा कि हम सभी को सदैव याद रखना चाहिए कि संविधान केवल अधिकार नहीं देता है, बल्कि उसमें महान कर्तव्यों व अनुशासन की प्रेरणा भी है। हम सब यह प्रण लेते हुए विकसित भारत के लिए संविधान के आदर्शों एवं मूल्यों पर चलने के लिए संकल्पित हों। संविधान दिवस के अवसर पर हम सब बाबा साहब डा.भीमराव अंबेडकर को नमन करते हैं और यह दिन संवैधानिक आदर्श, न्याय, स्वतंत्रता ,समानता, बंधुत्व ,एकता एवं अखंडता, अनुशासन जैसे मानवीय मूल्यों के प्रति हमें प्रोत्साहित करता है।
विशिष्ट अतिथि विजय सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है, जो प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भेल महाप्रबंधक नंदलाल, पूर्व अपर महाप्रबंधक आरएन प्रसाद, पूर्व अपर महाप्रबंधक बिहार चौधरी, वरिष्ठ समाजसेवी सीपी सिंह, सोसायटी के अध्यक्ष भानपाल सिंह रवि, महासचिव चंद्रपाल सिंह, कोषाध्यक्ष देवेंद्र भास्कर, स्वामी प्रसाद, सत्यपाल सिंह, सतपाल शास्त्री, प्रसन्नराम धुसिया, पालसिंह, ब्रहमपाल सिंह, सतीश दुबे, जसविंदर जस्सी, संजीत कुमार, दर्शनलाल, असिस्टेंट कमांडेड सत्यवीर सिंह, कमलेश्वर सागर, धर्म सिंह, गरीबदास, कैलाशचन्द आदि शामिल रहे।


