नवरात्र विशेष: कनखल के शीतला माता मंदिर की पौराणिक कथा, माता सती के जन्म से जुड़ी है मान्यता, विडियो

Haridwar News
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हरिद्वार। नवरात्र का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना और शक्ति की उपासना का विशेष अवसर है। धर्मनगरी हरिद्वार में इन दिनों देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इसी क्रम में कनखल स्थित प्राचीन मां शीतला देवी मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शीतला राजा दक्ष प्रजापति की कुलदेवी थीं और उनकी आराधना से जुड़ी पौराणिक कथा माता सती के जन्म से संबंधित मानी जाती है। नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालु यहां पहुंचकर परिवार की सुख-समृद्धि, संतान के स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हैं।

राजा दक्ष की तपस्या और माता सती के जन्म की मान्यता

हरिद्वार की उपनगरी कनखल को राजा दक्ष प्रजापति की नगरी और भगवान शिव से जुड़ी पौराणिक कथाओं के लिए विशेष पहचान प्राप्त है। इसी क्षेत्र में स्थित मां शीतला देवी मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राजा दक्ष प्रजापति ने संतान प्राप्ति की कामना से अपनी कुलदेवी मां शीतला की तपस्या की थी। मां शीतला की कृपा से उनकी मनोकामना पूर्ण हुई और उनके घर माता सती ने पुत्री के रूप में जन्म लिया। इसी मान्यता के चलते इस मंदिर को माता सती के जन्म की पौराणिक कथा से जोड़कर देखा जाता है। मां शीतला को लोकपरंपरा में आरोग्य और परिवार की खुशहाली से जोड़कर पूजा जाता है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-शांति, बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हैं।

नवरात्र में बढ़ती है श्रद्धालुओं की आस्था

कनखल का धार्मिक महत्व राजा दक्ष, माता सती और भगवान शिव से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं के कारण विशेष माना जाता है। नवरात्र के दौरान मां भगवती की आराधना के साथ श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हो जाती है। भक्त मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली, सुख-शांति और जीवन में सकारात्मकता की कामना करते हैं।मां शीतला की उपासना में आरोग्य, स्वच्छता और लोककल्याण से जुड़ी मान्यताओं का भी विशेष स्थान है। पीढ़ियों से चली आ रही धार्मिक परंपराएं इस मंदिर को स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ हरिद्वार आने वाले पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण बनाती हैं।

आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र है मां शीतला देवी मंदिर

कनखल स्थित मां शीतला देवी मंदिर धार्मिक आस्था, पौराणिक परंपराओं और देवी उपासना का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। नवरात्र के पावन अवसर पर यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु मां के दर्शन कर सुख, समृद्धि, आरोग्य और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगते हैं।धर्मनगरी हरिद्वार में स्थित यह मंदिर सनातन परंपराओं और देवी शक्ति के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था को दर्शाता है। नवरात्र के इस पावन अवसर पर श्रद्धालु मां शीतला से सभी के जीवन में सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य बनाए रखने की प्रार्थना कर रहे हैं।

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