भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को बतायी गोवर्धन पर्वत की महिमा
हरिद्वार, 23 मार्च। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के संयोजन में जिला कारागार रोशनाबाद में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने गोवर्धन की महिमा का वर्णन करते हुए बताया एक बार पुलस्त्य मुनि भ्रमण करते हुए द्रोणाचल पर्वत पर पहुंचे। वहां पर द्रोणाचल पर्वत के पुत्र गोवर्धन पर्वत को देख पुलस्त्य मुनि के मन में आया कि कि गोवर्धन को काशी नगरी में स्थापित किया जाए। द्रोणाचल पर्वत एवं गोवर्धन पर्वत दोनों ने विचार किया कि यदि पुलस्त्य मुनि की आज्ञा का पालन नहीं किया तो वे श्राप दे देंगे। विचार विमर्श के बाद गोवर्धन ने पुलस्त्य मुनि के सामने शर्त रखी कि आप जहां भी मुझे स्थापित करोगे मैं वहां से आगे नहीं बढूंगा। शर्त को स्वीकार कर पुलस्त्य मुनि ने गोवर्धन को हथेली पर धारण किया और आकाश मार्ग से काशी नगरी के लिए प्रस्थान किया। गोवर्धन ने जब ब्रज मंडल को देखा तो उन्हें स्मरण हुआ कि यहां प्रभु श्रीकृष्ण का प्राकट्य होने वाला है और मुझे कृष्ण लीला में सम्मिलित होना है। इसके बाद उन्होंने अपना वजन बढ़ाया ओर पुलस्त्य मुनि शर्त को भूलकर गोवर्धन को नीचे रखकर विश्राम करने लगे। विश्राम के बाद जब वे गोवर्धन को उठाने लगे तो गोवर्धन नहीं उठे। गोवर्धन ने कहा कि शर्त के अनुसार मैं अब यहीं रहूंगा और भगवान श्री कृष्ण की लीला में सम्मिलित होउंगा। यह सुनकर पुलस्त्य मुनि को क्रोध आ गया और उन्होंने गोवर्धन को प्रतिदिन तिल तिल घटने और उसका अस्तित्व मिट जाने पर महाप्रलय आने का श्राप दे दिया। तभी से गोवर्धन प्रतिदिन तिल मात्र घट रहे हैं। गोवर्धन का यह समर्पण देखकर स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियो के साथ उनका पूजन किया और कहा कि आज से जो गोवर्धन का पूजन, परिक्रमा और दर्शन करेगा। उसके समस्त पाप नष्ट हो जाएंगे और वह वैकुंठ लोक का अधिकारी बनेगा।
जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने बताया भागवत कथा के प्रभाव से बंदियों के जीवन में नया उत्साह और उमंग उत्पन्न हो रही है। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने बताया हि प्रत्येक व्यक्ति को सत्कर्म करना चाहिए। सत्कर्म से ही हम अपना एवं अपने पितरों का उद्धार कर सकते हैं। इस अवसर पर अश्वनी राय, स्वामी कार्तिक गिरी, नीरेंद्र गौतम, डा.राकेश गैरोला, दिनेश बाली, मुख्य फार्मेसी अधिकारी सोमदेव, प्रभारी जेलर प्रमोद दानु, डिप्टी जेलर दीनदयाल, सुनील कुमार, मुकुल कम्बोज, इंद्रपाल शर्मा, संजय शर्मा, पंकज शर्मा, दीपक भारद्वाज, वीके त्रिपाठी, अंकित शर्मा, कपिल शर्मा, अरुणकांत शर्मा, अजय शर्मा, सतीश त्यागी, सुंदर सिंह रावत, नवनीत मोहन, मुकेश कुमार शर्मा, सतीश तिवारी, पंडित सचिन पैन्यूली, पंडित आदित्य जागुड़ी, बलविंदर चौधरी, कुलदीप शर्मा, मनोज ठाकुर, जलज कौशिक, बृजमोहन शर्मा, संजू अग्रवाल आदि ने भागवत पूजन किया।


