अमरीश
श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिंदू समाज को आमंत्रित करने के लिए विहिप पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को वितरित किए पूजित अक्षत कलश
हरिद्वार, 3 दिसम्बर। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में 22 जनवरी को नवनिर्मित भव्य एवं दिव्य श्रीराम मंदिर में रामलला विराजित होंगे। 500 वर्षों के सतत संघर्ष और असंख्य हुतात्माओ के बलिदानों के उपरांत यह गौरवशाली दिन विश्व इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। 22 जनवरी का सूर्योदय भारत के चरम उत्कर्ष का सूर्य उदय होगा। भारतीय इतिहास का गौरवशाली सातवां स्वर्णिम पृष्ठ लिखा जायेगा। यह बात विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री सोहन सोलंकी ने पूजित अक्षत कलश वितरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
रविवार को कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन में विश्व हिन्दू परिषद की प्रान्त बैठक आयोजित की गई। प्रान्त बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए क्षेत्र संगठन मंत्री सोहन सोलंकी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या से पूजित अक्षत (पीले चावल) देश के समस्त प्रांतों को भेजे गए हैं। पूजित अक्षत में अपने प्रान्त के कार्यकर्ता अक्षत, गाय माता का शुद्ध घृत तथा हल्दी मिलायेंगे, जिसके पश्चात यह अक्षत भी पूजित अक्षत के समान हो जाएंगे। उत्तराखण्ड प्रांत के प्रमुख कार्यकर्ता पूजित अक्षत अपने-अपने जिले में प्रत्येक हिंदू परिवार को निमंत्रण के लिए देंगे।
उत्तराखण्ड प्रांत में पूजित अक्षत के साथ श्रीराम जन्मभूमि और रामलला के भव्य चित्र और पत्रक प्रत्येक घर तक लेकर जाएंगे। आम जनमानस को निमंत्रण के लिए पूजित सामग्री संपूर्ण प्रान्त के प्रत्येक शहर और ग्राम के लिए भेजे गए हैं। प्रान्त संगठन मंत्री अजय आर्य ने कहा कि उत्तराखण्ड प्रान्त के प्रत्येक जिला केंद्रो पर योजना रचना बैठक होगी। प्रत्येक जिले के प्रमुख कार्यकर्ताओं व सभी सामाजिक संगठनों के समन्वय से 20 दिसंबर से पूर्व बैठक करना सुनिश्चित किया गया है। प्रत्येक जिलों की योजना बैठकों के पश्चात पूजित सामग्री प्रमुख कार्यकर्ताओं को वितरण हेतू समर्पित की जाएगी। जहां से योजनाबद्ध तरीके से प्रत्येक शहर और गांव जाएगी।
आम जनमानस को पूजन सामग्री के माध्यम से निमंत्रित करने का अभियान 1 जनवरी सन 2024 से प्रारंभ होकर 15 जनवरी मकर संक्रांति तक चलेगा। मकर संक्रांति के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद संपूर्ण देश में वृहद स्तर पर सामाजिक समरसता के कार्यक्रम आयोजित करता है। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में 1989 में विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में शिला पूजन कार्यक्रम हुआ था। उस समय भी देश के 3 लाख ग्रामों में पूजन कार्यक्रम हुआ था। भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए समाज में निधि संग्रह अभियान हुआ।
जिसमें भी 5 लाख से अधिक गांवो में पूजन कार्यक्रम हुआ था। वर्तमान में विश्व हिन्दू परिषद संपूर्ण भारत के साढे 5 लाख ग्रामों के प्रत्येक घर जाने का लक्ष्य लेकर यह अभियान का संचालन करेंगी। प्रान्त अध्यक्ष रविदेव आनंद ने कहा कि उत्तराखण्ड प्रान्त के 16674 ग्रामों के प्रत्येक हिंदू परिवारों के प्रत्येक राम भक्त सदस्य के यहां यह पूजित अक्षत, श्रीराम मंदिर का का भव्य चित्र एवं पत्रक पहुंचा समाज को इस भाव से आमंत्रण दिया जाएगा कि जन-जन के अराध्य प्रभू श्री राम का मंदिर बन कर तैयार हो गया है, आप सभी अपनी-अपनी श्रद्धानुसार परिवार के साथ श्रीराम मंदिर के दर्शन हेतू अवश्य पधारें।
समस्त हिन्दू समाज को आग्रह किया गया है कि 22 जनवरी को रामलला मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के दिन अपने शहर, गांव एवं मोहल्ले के मंदिर में एकत्रित हों और हनुमान चालीसा का पाठ, भगवान राम की आरती, विजय महामंत्र आदि का पाठ अवश्य करे। अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का समारोह लाइव देखे और श्रीरामोत्सव का आनंद लें। संपूर्ण भारतवर्ष में राममय वातावरण हो, समरसता का वातावरण हो, राम सबके हैं, सब राम के हैं, यह महत्वपूर्ण संदेश जाए। हर घर राम, सब बोले जय श्री राम के भाव को लेकर यह राष्ट्रव्यापी अभियान चलेगा। बैठक में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड प्रांत के प्रत्येक जनपद से आए प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के पश्चात हर की पैड़ी पर उत्तराखण्ड प्रांत के समस्त जिलों को पूजित अक्षत कलश वितरित किए गए। इस अवसर पर प्रमुख रुप से महन्त राघवेन्द्र दास महाराज, संध्या कौशिक प्रान्त उपाध्यक्षा, कमलेश सिंह, प्रदीप मिश्र प्रान्त उपाध्यक्ष, दीवान सिंह फर्त्याल, डा.विपिन चंद्र पाण्डेय प्रान्त मंत्री, रनदीप पोखरिया प्रान्त सहमंत्री, नीता कपूर प्रमुख मातृशक्ति, अनुज वालिया प्रान्त संयोजक बजरंग दल, राजेन्द्र सैनी, नितिन गौतम अध्यक्ष श्रीगंगा सभा हरिद्वार एवम जिलाध्यक्ष विश्व हिन्दू परिषद हरिद्वार, प्रिया सिंह, पूजा लटवाल, अमित कुमार संगठन मंत्री, वीरसेन मानव, वत्सल पराशर, नवीन तेश्वर आदि उपस्थित रहे।


