तनवीर
हरिद्वार, 8 जनवरी। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने अपर रोड़ पर डाली जा रही डीप सीवर लाईन निर्माण कार्य मंे देरी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना है कि नियमानुसार किसी भी सरकारी सहायता प्राप्त निर्माण कार्य स्थल पर योजना का नाम, अर्थ उपलब्ध कराने वाले विभाग का नाम, कार्यदायी संस्था व निर्माण एजेंसी का पूरा नाम अधिकारियों के फोन नंबर, कार्य पूर्ण होने की समयावधि, कार्य की प्रकृति लिखा बोर्ड लगाया जाना अनिवार्य है। लेकिन उत्तराखण्ड में किसी भी सरकारी निर्माण पर उक्त बोर्ड नहीं लगाये जाते ताकि आम जनमानस वास्तविकता से अवगत हो सके।
इस दौरान जेपी बडोनी ने कहा कि व्यस्त सड़क पर धीमी गति से हो रहे निर्माण की वजह से व्यापारियों और तीर्थयात्रीयों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेजप्रकाश साहू ने कहा कि अधिकारी 2010 में डाली गयी सीवर लाईन चालू नहीं कर पाये। अब अन्य अमृत योजनाओं से नयी लाईन उसके नीचे डाली जा रही हैं। जोकि गोलाई में उससे आधी हैं। जिलाधिकारी को इसका संज्ञान लेना चाहिए। जिला महामंत्री संजय त्रिवाल ने कहा कि कार्यदाई संस्था रात्रि में कार्य कर रही है। लेकिन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। जगह-जगह पानी की लाइन, गैस लाइन व बिजली, सीवर की लाइन टूट रही है। जहां पर लीकेज होता है।
रबर ट्यूब लगाकर तुरंत मिट्टी डाल दी जाती है। जिस क्षेत्र में लाइन डाली जा रही है। वहां सैकड़ों साल पुराने डाट मेहराब वाले भवन है। जोकि खतरे की जद में है। अंग्रेजों के समय नालों के निकास हेतु डाट वाली पुलिया बनाई गई थी। वह डाट भी तोड़ी जा रही है। जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। प्रदर्शन करने वालों में गगन गुगनानी, सूरज कुमार, नितिश कुमार, सुनील कुमार, पवन सुखिजा, दिनेश कुरेजा, दिनेश साहू, अजय रावल, भीकम सिंह, संजय प्रजापति, विशाल ठाकुर आदि शामिल रहे।


