गंगा में हेमाद्रि संकल्प स्नान कर यज्ञोपवीत एवं रक्षा सूत्रों का संधान व अभिसिंचन किया
हरिद्वार, 9 अगस्त। रक्षाबंधन पर तीर्थ पुरोहितों ने हरकी पैड़ी पर श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम का आयोजन कर हेमाद्रि संकल्प स्नान किया तथा वर्ष भर उपयोग होने वाले यज्ञोपवीत एवं रक्षा सूत्रों का संधान एवं अभिसिंचन् किया गया। यही यज्ञोपवीत एवं रक्षासूत्र वर्ष भर होने वाले धार्मिक कार्यों में पुरोहितों के द्वारा प्रयोग किये जाते हैं। श्री गंगासभा अध्यक्ष नितिन गौतम व महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि देवासुर संग्राम के समय भी इंद्र की शक्ति बढ़ाने के लिए इंद्राणी ने देवगुरु बृहस्पति से रक्षासूत्र का अभिसिंचन् करवाया था।
इंद्र की कलाई पर वह रक्षा सूत्र बांधा गया और तत्पश्चात देवो की विजय हुई। इस अवसर पर श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, स्वागत मंत्री डा.सिद्धार्थ चक्रपाणी, उपसभापति यतीन्द्र सिखोला, प्रचार मंत्री गोपाल प्रधान, सचिव वीरेंद्र कौशिक, सचिव शैलेश मोहन, सचिव उज्ज्वल पंडित, दीपकांत सरायवाले, विकास शर्मा, दीपांकर चक्रपाणि, शिवांकर चक्रपाणि, शोभित खेड़ेवाले, डा.प्रशांत पालीवाल, अतुल कीर्तिपाल, सुरभित शर्मा, अमित झा, अवनीश सरयें, अरुण शर्मा, विनायक पचभैया, विशाल सिखौला, राघवेंद्र शर्मा, बनारस से आए प्रो.विवेकानंद तिवारी, पंकज तिवारी आदि पुरोहित उपस्थित रहे। आचार्य अमित शास्त्री ने श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम संपन्न कराया।


