नवरात्र आराधना से मिलती है अन्याय और अधर्म का विरोध करने की प्रेरणा -श्रीमहंत रविंद्रपुरी

Dharm
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हरिद्वार, 21 मार्च। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि नवरात्र का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा की आराधना को समर्पित है। मां चंद्रघंटा भक्तों को शक्ति, साहस और करूणा प्रदान करती है। निरंजनी अखाड़े में नवरात्र आराधना के तीसरे दिन श्रद्धालु भक्तों को नवरात्रों की महिमा से अवगत कराते हुए श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि देवी भगवती के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की आराधना से जीवन से भय, नकारात्मकता, अशांति दूर होती है और जीवन में शांति सौम्यता और पराक्रम का संचार होता है।

नवरात्र आराधना से भक्त को अन्याय और अधर्म का विरोध करने की प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को नवरात्रों में मां भगवती के प्रत्येक स्वरूप की आराधना करनी चाहिए। मां भगवती की कृपा से जीवन में संतुलन और स्थिरता आती है। जिससे कठिन परिस्थितियों का सामना करने का सार्मथ्य प्राप्त होता है। आरोग्य, सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। जिससे जीवन सुखमय बनता है।