समारोह पूर्वक मनाया गया विश्व इलेक्ट्रोहोम्योपैथी दिवस

Haridwar News
Spread the love

तनवीर


हरिद्वार, 11 जनवरी। इएमए कैम्पस बालाजी इंस्टीट्यूट आफ अल्टरनेटिव मेडिकल साइंस एंड कैंसर रिसर्च सेंटर के सभागार में विश्व इलेक्ट्रोहोम्योपैथी दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह का शुभारम्भ मुख्य अतिथी राज्यसभा सासंद डा.कल्पना सैनी, विशिष्ट अतिथी विधायक आदेश चौहान, इएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.केपीएस चौहान, प्रदेश अध्यक्ष डा.मुकेश चौहान, राष्ट्रीय महासचिव डा.एनएस टाकुली, एडीजीसी कुशलपाल सिंह चौहान, मुख्य चिकित्सा प्रभारी डा.वीएल अलखानिया ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया ।

समारोह को संबोधित करते हुए डा.केपीएस चौहान ने कहा कि आज इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के अविष्कारक काउंट सीजर मैटी की 217 वी जयंती और विश्व इलेक्ट्रोहोम्योपैथी दिवस है। जो हम सभी के लिए गौरवशाली दिन है। डा.चौहान ने मैटी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए भारत में इस चिकित्सा पद्धति के आगमन से लेकर आज तक की विकास गाथा की जानकारी दी और चिकित्सकों को आ रही समस्याओं से सांसद डा.सैनी को अवगत कराया तथा ज्ञापन पत्र दिया।

समारोह को सम्बोधित करते हुए सांसद डा.कल्पना सैनी ने चिकित्सकों को आश्वस्त किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार से वार्ता कर आईडीसी की रिपोर्ट शीघ्र जारी करवा कर समस्याओं का निवारण शीघ्र कराएंगी और आवश्यकता पड़ी तो राज्यसभा मे भी जनहित से जुड़े इस मुद्दे को उठाएंगी। विधायक आदेश चौहान ने कहा कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी जन-जन की पैथी है। हम सभी इस पैथी के अविष्कारक के ऋणी हैं, जो ऐसी प्राकृतिक, हानि रहित, विष रहित और पेड़ पौधों के स्पेजरिक एसेंस से निर्मित मेडिसिन आधारित चिकित्सा प्रणाली दुनिया को दी है।

इएमए के लीगल एडवाइजर एडीजीसी कुशलपाल सिंह चौहान ने कहा कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी एक वैध वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली है। जिसकी अपनी ऐतिहासिक, दार्शनिक और चिकित्सीय नींव है। समारोह में विशेषज्ञों ने कैंसर, ट्यूमर, गॉल ब्लेडर तथा रीनल स्टोन पर अपने द्वारा किये गये शोध कार्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि उक्त सभी बीमारियां मैटाबोलिक डिसोडर से पनपती है और इलेक्ट्रोहोम्योपैथी की स्पेजरिक मेडिसिन इनमें अधिक कारगर है। अर्थात बिना सर्जरी के ठीक हो जाती है। इएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.केपीएस चौहान तथा प्रदेश अध्यक्ष डा.मुकेश चौहान ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर एवं पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *