प्रेम प्रसंग, ब्लैकमेल और डीजे पर नाचने का विवाद बना हत्या की वजह
हरिद्वार, 28 जुलाई। सनसनीखेज ब्लांइड मर्डर केस का खुलासा करते हुए कोतवाली बहादराबाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रेम प्रसंग, ब्लैकमेल और डीजे पर नाचने के विवाद में आरोपी ने गला दबाकर प्रेमिका की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को गंगनगर में फेंक दिया था। 24 जुलाई को अलीपुर बहादराबाद निवासी मोमिन पुत्र हमीद ने पुलिस को तहरीर देकर गांव के ही नावेद पुत्र रियासत पर पुत्री शहनुमा की हत्या का आरोप लगाते हुए मुकद्मा दर्ज कराया था।
मुकद्मा दर्ज करने के बाद पुलिस टीम का गठन किया गया। घटना के बाद आरोपी नावेद अपने घर से फरार हो गया था। पुलिस ने उसके परिजनों एवं अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की। लेकिन ठोस जानकारी नहीं मिल पायी। मामला पूरी तरह ब्लाइंड था। घटनास्थल स्पष्ट नहीं था तथा मृतका का शव भी बरामद नहीं हुआ था। लेकिन पुलिस टीम ने धैर्य एवं तकनीकी तथा सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग करते हुए आरोपी की तलाश जारी रखी। उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई।
27 जुलाई को पुलिस को मुखबिर से आरोपी नावेद के अपने रिश्तेदारों के यहां ग्राम भगवानपुर चंदनपुर मंगलौर क्षेत्र में छिपे होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने गांव में पहुंचकर पूछताछ की तो उसके तालाब के समीप होने की जानकारी मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका मृतका शहनुमा के साथ प्रेम संबंध था। समय के साथ विवाद दोनों के बीच बढ़ने लगे। आरोपी के अनुसार एक पारिवारिक समारोह के दौरान शहनुमा ने लड़कों के साथ डीजे पर डांस किया। उसने उसे मना किया, लेकिन वह नहीं मानी।
जिससे दोनों के बीच कहासुनी हुई और शहनुमा उसे विभिन्न मामलों में फंसाने की धमकी देने लगी। शहनुमा ने उसकी मां और बहन को गंदी गालिया दी और कोर्ट में बयान देने की बात की। ससुराल वालों को गंदी फोटो दिखाकर रिश्ता तुड़वाने का आरोप लगाया। आरोपी नावेद ने बताया कि वह स्वयं को लगातार ब्लैकमेल महसूस कर रहा था तथा इसी कारण उसने शहनुमा की हत्या करने की योजना बनाई। योजना के अनुसार वह शहनुमा को कलियर लेकर गया। दोनों होटल में रुके। अ
गले दिन तड़के उसे अपने साथ सुनसान क्षेत्र की ओर ले जाकर उसकी हत्या कर दी और शव को गंगनहर में फेंक दिया। इसके बाद वह अपने गांव लौट आया और सामान्य दिनचर्या अपनाने का प्रयास करता रहा। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से मृतका का मोबाइल फोन और आधार कार्ड भी बरामद कर लिया। पुलिस टीम में एसएसआई मनोज गैरोला, एसआई विकास रावत, एसआई हेमदत्त भारद्वाज, कांस्टेबल बलवन्त सिंह, अरूण चमोली, विकास थापा, सतेन्द्र चौधरी, सीआईयू कांस्टेबल वसीम शामिल रहे।


