हरिद्वार, 1 सितम्बर। उत्तरी हरिद्वार में सप्तसरोवर मार्ग पर जलभराव की सामना कर रहे क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन किया और जनप्रतिनिधियों प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सप्तसरोवर मार्ग पर जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण मामूली बारिश के बाद ही सड़क पर पानी भर जाता है। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए दुर्घटना का कारण बन रहे हैं।
जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व हुई भारी बारिश के दौरान क्षेत्र में जलभराव के बीच करंट लगने से एक साधु की मौत हो गई थी। आरोप लगाया कि घटना के बाद भी क्षेत्र की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। जलभराव के कारण क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। जलभराव का असर स्थानीय व्यापार पर भी दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के दुकानदारों का कहना है कि सड़क पर पानी भरने और कीचड़ फैलने के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।
लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की मांग को लेकर क्षेत्रवासी कई बार आवाज उठा चुके हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान क्षेत्र के विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आपदा जैसी परिस्थितियों में क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कोई गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। जलभराव की समस्या का जल्द स्थायी समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी। प्रदर्शन करने वालों में दिव्यम यादव, गोपाल निषाद, हरिनारायण, सीताराम तोमर, आदित्य तोमर, राजा तोमर, राजपाल, सागर अवस्थी आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।


