श्रीमद्भागवत के श्रवण से होती है भक्ति ज्ञान एवं वैराग्य की प्राप्ति-पवन कृष्ण शास्त्री

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ब्यूरो


हरिद्वार, 2 जून। शिवालिक नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने भागवत महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि भागवत कथा के आयोजन एवं श्रवण से जन्म जन्मांतर के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। कथा के प्रभाव से मनुष्य का अंतःकरण पवित्र होता है और ज्ञान प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। भागवत कथा से जीवन में भक्ति ज्ञान एवं वैराग्य की प्राप्ति होती है।

कथाव्यास पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि सर्वप्रथम देव ऋषि नारद ने हरिद्वार के गंगा तट पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया एवं सुखदेव मुनि ने शुक्रताल में राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया। श्रीमद्भागवत महापुराण में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य आरती और दिव्य लीलाओं का वर्णन है। जिनका श्रवण करने से परम सुख एवं आनंद की प्राप्ति होती है। मुख्य यजमान किरण गुप्ता, अशोक गुप्ता, डा.अंशु गुप्ता, डा.राजकुमार गुप्ता, मिशिका गुप्ता, मिहिका गुप्ता ने भागवत पूजन कर कथाव्यास से आशीर्वाद लिया।