हरकी पैड़ी पर दयनीय हालत में मिला बालक चार दिन पूर्व ट्रेन से हरिद्वार पहुंचा था
हरिद्वार, 5 अक्टूबर। पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने हरकी पैड़ी से एक 14 वर्षीय बालक को रेस्क्यू किया है। दयनीय अवस्था में मिला बालक आठवीं कक्षा का छात्र है और छत्तीसगढ़ के दुर्ग से तीन महीने से लापता था। बालक चार दिन पूर्व ट्रेन में सवार होकर छत्तीसगढ़ से लखनऊ, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब होते हुए हरिद्वार पहुंचा था। कानूनी कार्यवाही और बालक की काउंसलिंग करने के बाद बाल संरक्षण समिति अध्यक्ष के आदेश पर उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
तीन महीने से लापता बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने एएचटीयू का आभार व्यक्त किया। बालक के पिता उदय पाल यादव ने बताया कि उनका बेटा ऋतिक बीती 30 जून को घर से विद्यालय के लिए निकला था। लेकिन फिर वापस लौट कर नहीं आया। काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कुछ पता नहीं चला तो थाना जामुल दुर्ग भिलाई में उसकी गुमशुदगी दर्ज करायी। बेट की तलाश में भटकने के कारण 3 महीने से वह अपनी नौकरी पर भी नहीं गए।
बेटे को ढूंढने के लिए जिसने जो बताया वैसा ही करते रहे। लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। 3 अक्टूबर को एएचटीयू द्वारा बेटे के ऋतिक के विषय में सूचना देने पर वह तत्काल उसे लेने के लिए हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। बालक को रेस्क्यू करने वाली एएचटीयू टीम में एसआई राखी रावत, हेडकांस्टेबल राकेश कुमार, हेडकांस्टेबल बीना गोदियाल, कांस्टेबील दीपक चन्द व दीपक डबराल शामिल रहे।




