हरिद्वार, 6 जून। कवि अमित कुमार गुप्ता मीत के काव्य संकलन मीत के अनोखे रंग का विमोचन रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने किया। आदेश चौहान ने कहा कि साहित्यिक सृजन करने के लिये बहुत अधिक धैर्य, समर्पण व अनुभव की आवश्यकता होती है, तभी कवि ऐसी सार्थक कृति का सृजन कर पाता है, जिसे समाज भी कृतज्ञता के साथ स्वीकार करता है। उन्होंने पुस्तक की एक काव्य रचना हसरतें कोशिश से पूरी होती हैं, हसरतें न हो तो जिंदगी अधूरी होती है का पाठ भी किया।
साहित्यकार अरुण कुमार पाठक ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कविता हमेशा सरल, सहज व समझ में आने वाली होनी चाहिये। जिससे पाठक और श्रोता कविता स्वयं का उससे जुड़ाव महसूस कर सके।
विद्या विहार एकेडमी ज्वालापुर के सभागार में आयोजित विमोचन समारोह की अध्यक्षता डा.विजयेन्द्र पालीवाल ने और संचालन कार्यक्रम संयोजक चेतना पथ के सम्पादक गीतकार अरुण कुमार पाठक व कवियित्री कंचन प्रभा गौतम ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा.ऋचा गर्ग ने किया।
वयोवृद्ध कवि पं.ज्वाला प्रसाद शांडिल्य दिव्य, नवल विभा प्रकाशन से कवि शशिरंजन समदर्शी, डा.अजय पाठक, राजकुमारी राजेश्वरी, भूदत्त शर्मा, अभिनन्दन अभि रसमय, अधिवक्ता ललित मिगलानी, शान्वी, गर्वित और धान्वी, सुरेन्द्र कुमार गुप्ता, पवन कुमार गर्ग, वृंदा वाणी, सुमन गुप्ता, देवेन्द्र मिश्र, सन्तोष साहू, डा.मीरा भारद्वाज, डा.नीता नय्यर निष्ठा, राकेश मालवीय, सोनेश्वर कुमार सोना, आशा साहनी, दीपक पंवार, विभा चौधरी, साधुराम पल्लव आदि ने भी कवि अमित कुमार गुप्ता को शुभकामनाएं दी। नवल विभा प्रकाशन की ओर से कवि अमित कुमार मीत को सम्मान पत्र भेंट किया गया। कार्यक्रम में नगर के अनेक साहित्यकार, कवि, लेखक तथा शिक्षाविद् शामिल रहे।


