हरिद्वार, 28 जुलाई। गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर श्रीगुरू सेवक निवास उछाली आश्रम में दो दिवसीय आध्यात्मिक कार्यक्रम की शुरूआत की गयी। कार्यक्रम के पहले दिन भजन संध्या का आयोजन किया गया। हरिनाम दास संकीर्तन मण्डल रोहिणी दिल्ली द्वारा प्रस्तुत भजन संध्या में श्रद्वालु जमकर झूमे। उछाली आश्रम के परमाध्यक्ष महंत विष्णु दास महाराज ने गुरूजनों को प्रणाम करते हुए श्रद्धालुओं को गुरु की महिमा का महत्व बताते हुए जीवन में सदाचार, सेवा और संस्कार अपनाने का संदेश दिया।
महंत विष्णु दास ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ स्थान प्राप्त है, क्योंकि गुरु ही मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, कृतज्ञता और गुरु के प्रति समर्पण का पावन अवसर है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में सत्य, करुणा, संयम और सेवा जैसे मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भौतिकता की दौड़ में आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है तथा समाज और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक योगदान दे सकता है। इस अवसर पर चांद बृजमोहन सेठ, श्वेता नितिन सेठ, पूनम अशोक अरोड़ा के अलावा महंत प्रेमदास, संत पुनीत दास, अमन दास सहित अनेक संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।


