हरिद्वार, 30 अगस्त। ऋषिकेश के शीशम झाड़ी स्थित स्वामी दयानंद आश्रम में पिछले करीब 15 वर्षों से होम्योपैथिक चिकित्सक के रूप में जनसेवा में जुटे डा.कुर्बान अली कपासी ने अपने सेवाभाव और सामाजिक समरसता की ऐसी छाप छोड़ी, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। आजीवन अविवाहित रहकर जनसेवा को समर्पित रहे मूलरूप से महाराष्ट्र के रहने वाले डा.कुर्बान अली कपासी पुत्र स्वर्गीय ताहिर अली कपासी का शनिवार को निधन हो गया।
उनके निधन के बाद आश्रम से जुड़े लोगों और हिंदू समाज के सहयोगियों ने उनके अंतिम संस्कार को लेकर इंसानियत और सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश की। डा.कुर्बान अली कपासी की इच्छा थी कि निधन के बाद उन्हें उनके धर्म के अनुसार दफनाया जाए। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए स्वामी दयानंद आश्रम के उनके सहयोगी आगे आए। ऋषिकेश के प्रसिद्ध चिकित्सक डा.बवेजा सहित आश्रम से जुड़े वीरेंद्र यादव, कंचन यादव, प्रियंका यादव, वंदना यादव, जगदीश यादव, हरिओम यादव, प्रद्युम्न यादव और वीर बहादुर यादव उनके पार्थिव शरीर को ऋषिकेश से ज्वालापुर लेकर आए और वक्फ कब्रिस्तान सुभाष नगर में पूरे सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कराया।
डा.कपासी की अंतिम विदाई के दौरान हिंदू समाज से जुड़े लोगों ने जिस तरह आगे बढ़कर सहयोग किया। वह आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बन गया।


