गैंग को फर्जी खाते उपलब्ध कराने वाला मददगार गिरफ्तार
हरिद्वार, 4 सितम्बर। मगध साइबर गैंग का खुलासा करने और पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद श्यामपुर कोतवाली पुलिस टीम ने गैंग के ऋषिकेश नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गिरोह को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले मुख्य मददगार को गिरफ्तार कर लिया है। ऋषिकेश के मायाकुंड से गिरफ्तार किया गया आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद का रहने वाला है।
गैंग को फर्जी खाते उपलब्ध कराने के बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि मूल रूप से ग्राम सिकंदपुर जिला बलिया उ.प्र. का रहने वाला आरोपी सागर पाण्डेय पुत्र राधेराम पाण्डेय ऋषिकेश के मायाकुंड में रहकर मगध साइबर गैंग के मुख्य सरगना कृष्णा पाण्डेय के सीधे संपर्क में था। वह स्थानीय स्तर पर पैसों का लालच देकर लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाता था और फिर इन खातों (म्यूल अकाउंट्स) को साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए गैंग को उपलब्ध कराता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने दो व्यक्तियों विशाल और श्याम के कुल 18 बैंक खाते गैंग को मुहैया कराने की बात स्वीकार की है। गैंग सरगना कृष्णा पांडेय सहित गैंग से जुड़े पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद उसने अपने मोबाइल से सभी व्हाट्सएप चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स और साथियों के नंबर डिलीट कर दिए थे।
लेकिन पुलिस टीम ने उसके फोन की डिजिटल व तकनीकी जांच कर गैलरी से विशाल के नाम दर्ज एक बैंक खाते की फोटो बरामद की है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, चंडीघाट चौकी प्रभारी एसआई देवेंद्र तोमर, कांस्टेबल विनीत कुमार, राहुल देव एवं सीआईयू कांस्टेबल वसीम शामिल रहे।


