अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुुरी ने किया श्री रामानंदीय वैष्णव मंडल के अध्यक्ष बाबा हठयोगी का स्वागत

Haridwar News
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प्रखर वक्ता और संत समाज के भीष्म पितामह हैं बाबा हठयोगी -श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी
संत समाज के हितों की रक्षा और सनातन का संरक्षण संवर्द्धन करना ही उद्देश्य
-बाबा हठयोगी

हरिद्वार, 15 सितम्बर। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने श्री रामानंदीय वैष्णव मंडल के अध्यक्ष चुने गए बाबा हठयोगी का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया और शुभकामनाएं दी। चंडीघाट स्थित गौरीशंकर गौशाला में फूलमाला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर स्वागत करने के दौरान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि प्रखर वक्ता और सनातन से जुड़े विषयों पर बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी राय रखने वाले बाबा हठयोगी के नेतृत्व में श्री रामानंदीय वैष्णव मंडल संत परंपरा और सनातन के संरक्षण संवर्द्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद का महत्वपूर्ण दायित्व कुशलता पूर्वक संभालने वाले संत समाज के भीष्म पितामह बाबा हठयोगी का राष्ट्र की एकता अखंडता कायम करने में भी अहम योगदान रहा है। धर्म और अध्यात्म के प्रचार प्रसार के साथ उन्होंने अपने ओजस्वी विचारों से हमेशा समाज को प्रेरित किया है। महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी ने भी बाबा हठयोगी को शुभकामनाएं दी और कहा कि उनके श्री रामनंदीय वैष्णव मंडल का अध्यक्ष निर्वाचित होने से संत समाज में हर्ष की लहर है।

सभी संतजनों का आभार व्यक्त करते हुए बाबा हठयोगी ने कहा कि श्री रामानंदीय वैष्णव मंडल अध्यक्ष के रूप में संत समाज के हितों की रक्षा और सनातन का संरक्षण संवर्द्धन करना ही उनका उद्देश्य है। बाबा हठयोगी ने कहा कि समस्त संत समाज को साथ लेकर चलने वाले अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज सरल, सहज और मृदुभाषी संत हैं। उनके के नेतृत्व में अगले वर्ष हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में होने वाले कुंभ मेले को भव्य और दिव्य स्वरूप में संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर स्वामी सहजानंद पुरी, महंत वीरेंद्र गिरी, महंत प्रज्ञानंद गिरी, स्वामी हरिवल्लभदास शास्त्री, स्वामी अनंतानंद गिरी, महंत राज गिरी सहित कई संत महंत और श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

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