त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन स्वामी हंसप्रकाश महाराज-श्रीमहंत रविंद्रपुरी
संतों के आशीर्वाद के बिना जीवन अधूरा-रितु खण्डूरी गुरू ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप है-महंत रूपेंद्र प्रकाश हरिद्वार, 5 दिसम्बर। ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी हंसप्रकाश महाराज का एकादश निर्वाण दिवस सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों, गणमान्य लोगों एवं श्रद्धालुजनों की उपस्थिति में समारोह पूर्वक मनायी गयी। श्री प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में आश्रम के परमाध्यक्ष […]
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