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हरिद्वार, 25 अगस्त। कनखल स्थित श्री दारिद्र भंजन महादेव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने यज्ञ की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को यज्ञ अवश्य करना चाहिए। यज्ञ करने से भगवान नारायण एवं समस्त देवी देवता प्रसन्न होते हैं। शास्त्री ने बताया कि जब ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की तो सभी देवी देवता उनके पास आकर कहने लगे कि हमारी भूख शांत नहीं हो रही है। पेट भरकर हमें कुछ मिलता ही नहीं है।
आप कुछ उपाय कीजिए। देवताओं के निवेदन पर ब्रह्मा ने स्वाहा नाम की एक कन्या को उत्पन्न किया और उस कन्या का विवाह यज्ञ नारायण के साथ कर दिया। ब्रह्मा ने कहा आज से जिस भी देवी देवता का नाम लेकर यज्ञ करते हुए स्वाहा उच्चारण करते हुए आहुति दी जाएगी। वह आहुति उसी देवता को प्राप्त हो जाएगी। जिससे समस्त देवी देवताओं के आहार की व्यवस्था बनेगी। तभी से प्रत्येक घर में यज्ञ की परंपरा शुरू हुई। शास्त्री ने बताया यज्ञ करने से घर में सुख, समृद्धि, धन, धान्य, आयु और आरोग्य की वृद्धि होती है। इसलिए प्रत्येक सद्गृहस्थ को नित्य अपने घर में यज्ञ करना चाहिए। यदि नित्य न कर सकें तो महीने में पूर्णमासी एवं सक्रांति या अमावस पर यज्ञ अवश्य करें।
कथा के दौरान सभी भक्तों ने मिलकर यज्ञ को संपन्न किया। यज्ञ के उपरांत सभी को प्रसाद वितरित किया गया। मुख्य यजमान पंडित कृष्ण कुमार शर्मा, रिचा शर्मा, पूजा शर्मा, राजेंद्र पोखरियाल, पंडित नीरज कोठारी, पंडित रमेश गोयल, पंडित उमाशंकर, पंडित बच्चीराम, ललित नारायण, कैलाश चंद्र पोखरियाल, मारुति कुमार, तुषार प्रजापति, किरण शर्मा, गणेश कोठारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।


