सोशल मीडिया ने पत्रकारों के लिए खोले नए रास्ते – प्रियंका शर्मा

Haridwar News
Spread the love

तनवीर


हरिद्वार, 17 अप्रैल। प्रसिद्ध एंकर प्रियंका शर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है और इस परिवर्तन में सोशल मीडिया एक प्रभावशाली माध्यम के रूप में उभरा है। प्रेस क्लब सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में सोशल मीडिया का महत्व और जवाबदेही विषय पर अपने विचार साझा करते हुए प्रियंका कहा कि आज पत्रकारिता केवल पारंपरिक माध्यमों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सोशल मीडिया ने इसे नई दिशा और गति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खबरों के प्रसार की गति इतनी तेज हो चुकी है कि अधिकांश घटनाएं पहले सोशल मीडिया पर सामने आती हैं और बाद में टीवी चैनलों व अखबारों में जगह बनाती हैं।

इस बदलते ट्रेंड ने पत्रकारों को अपनी कार्यशैली में बदलाव करने के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के दौर में पत्रकारों के लिए सोशल मीडिया को समझना और उसका प्रभावी उपयोग करना अनिवार्य हो गया है। प्रियंका शर्मा ने बताया कि देश का बड़ा युवा वर्ग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़ा हुआ है और यही वर्ग घटनाओं को तुरंत साझा कर खबरों को वायरल कर देता है। ऐसे में पत्रकारों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे सोशल मीडिया को सिर्फ सूचना का स्रोत न मानें, बल्कि उसकी सत्यता की जांच कर जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत करें। उन्होंने चेताया कि बिना पुष्टि के खबरों को साझा करना समाज में भ्रम और अफवाह फैलाने का कारण बन सकता है।

कहा कि एंकरिंग छोड़कर वह अब द प्रियंका शो के नाम से अपना शो चला रही हैं। उन्होंने पत्रकारिता के बदलते आर्थिक पहलुओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने पत्रकारों के लिए आय के नए रास्ते खोले हैं। यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अब पत्रकार सीधे दर्शकों से जुड़ सकते हैं और अपनी सामग्री के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त भी बन सकते हैं। कई स्वतंत्र पत्रकार आज केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अपनी पहचान और स्थिर आय दोनों बना रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल व्यूज और फॉलोअर्स के पीछे भागना पत्रकारिता के मूल उद्देश्य को कमजोर कर सकता है। पत्रकारिता का उद्देश्य समाज को सही और तथ्यात्मक जानकारी देना है, न कि केवल सनसनी फैलाना। उन्होंने पत्रकारों को सलाह दी कि वे अपनी नैतिकता और पेशेवर मूल्यों को बनाए रखें, चाहे प्रतिस्पर्धा कितनी भी क्यों न हो। कार्यक्रम के दौरान प्रियंका शर्मा ने पत्रकारिता के पेशे में आने वाली चुनौतियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बड़े मीडिया संस्थानों में अक्सर पत्रकारों का शोषण होता है और उनकी मेहनत को उचित पहचान नहीं मिल पाता है।

कई बार पत्रकारों को अपनी ही खबर अपने नाम से प्रकाशित करवाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मेहनत जी-तोड़ होती है, लेकिन उसका श्रेय हमेशा नहीं मिलता, जो कि इस पेशे की एक बड़ी विडंबना है। उन्होंने यह भी कहा कि आज टेलीविजन पत्रकारिता कहीं न कहीं ड्रामा की ओर बढ़ती नजर आ रही है, जहां गंभीर मुद्दों की बजाय सनसनी को ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है। इसी कारण कई पत्रकार अब सोशल मीडिया की ओर रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें अभिव्यक्ति की अधिक स्वतंत्रता मिलती है। प्रियंका शर्मा ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने एंकरिंग के पारंपरिक क्षेत्र से दूरी बनाई, तो सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर उन्हें बेहतर परिणाम मिले। उन्होंने रील्स और पॉडकास्ट के माध्यम से दर्शकों से सीधा जुड़ाव बनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अब तक आठ पॉडकास्ट किए हैं, जिनमें से एक चर्चित पॉडकास्ट तेजप्रताप पर आधारित था, जो बिना किसी फिल्टर के प्रस्तुत किए जाने के कारण काफी वायरल हुआ।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा बनाए गए पॉडकास्ट किसी भी राजनीतिक दल के पक्ष में नहीं होते, बल्कि दर्शकों को अपनी राय बनाने का अवसर देते हैं। सोशल मीडिया एक आजादी का मंच है, जहां हर व्यक्ति अपनी बात रख सकता है। नेपाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से कई बड़े बदलाव किए हैं, जो इस प्लेटफॉर्म की ताकत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग किया जाए, तो यह न केवल व्यक्तिगत विकास बल्कि सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बन सकता है। कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों ने भी सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, फेक न्यूज और ट्रोलिंग जैसी चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका शर्मा ने डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के साथ-साथ आम जनता को भी जागरूक होना होगा ताकि वे सही और गलत जानकारी में अंतर कर सकें। अंत में उन्होंने कहा कि भविष्य की पत्रकारिता पूरी तरह डिजिटल होने की दिशा में अग्रसर है और इसमें सोशल मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ती जाएगी। ऐसे में पत्रकारों को चाहिए कि वे नई तकनीकों को अपनाएं, अपनी विश्वसनीयता बनाए रखें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करें। कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने बुके देकर प्रियंका शर्मा का स्वागत किया। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महंत शुभम गिरी महाराज, वरिष्ठ पत्रकार आदेश त्यागी, राहुल वर्मा, बाल कृष्ण शास्त्री, श्रवण झा, विजेंद्र हर्ष, पुलकित शुक्ला, कुलभूषण शर्मा, शिवकुमार शर्मा, जोगिंदर मावी, आशीष मिश्रा, सुमित यशकल्याण, शिप्रा अग्रवाल, सोनू आदि मौजूद रहे। महासचिव सूर्यकांत बेलवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
फोटो नं.9-संवाद कार्यक्रम में विचार रखती प्रियंका शर्मा

Leave a Reply