राष्ट्र की एकता अखंडता कायम रखने में संत महापुरूषों की अहम भूमिका -श्रीमहंत रामरतन गिरी

Haridwar News
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गुरू ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप हैं-स्वामी गर्व गिरी
वीरभद्र सेवाश्रम के वार्षिक उत्सव पर किया संत समागम, भगवती जागरण और भजन संध्या का आयोजन

हरिद्वार, 5 नवम्बर। श्यामपुर कांगड़ी स्थित बाबा वीरभद्र सेवाश्रम के परमाध्यक्ष जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरी फरसे वाले बाबा के संयोजन में आयोजित आश्रम के वार्षिक उत्सव के अवसर पर संत समागम, भगवती जागरण एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने कहा कि समाज को सांस्कृतिक रूप से एकजुट कर राष्ट्र की एकता अखंडता कायम रखने में संत महापुरूषों ने हमेशा भूमिका निभायी है।

श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरी महाराज विद्वान संत हैं और समाज को धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर करते हुए सनातन के संरक्षण संवर्द्धन में अहम योगदान कर रहे हैं। जूुना अखाड़े के श्रीमहंत प्रेम गिरी महाराज ने कहा कि वीरभद्र सेवाश्रम धर्म और अध्यात्म का प्रमुख केंद्र है। महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरी महाराज के सानिध्य में भक्त सनातन परंपरांओं को आगे बढ़ाने में योगदान का संकल्प ले रहे हैं। महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरी महाराज ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरू परमात्मा का ही दूसरा स्वरूप हैं।

पूज्य गुरूदेव से प्राप्त शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए आश्रम की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाना ही उनका लक्ष्य है। महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयांनद गिरी एवं महामंडलेश्वर महंत संजय गिरी ने कहा कि संत महापुरूषों के सानिध्य में ही कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरी भक्तों के कल्याण और मानव कल्याण में उल्लेखनीय योगदान कर रहे हैं। इस अवसर पर स्वामी अनंतानंद, स्वामी राजपुरी, स्वामी रामानुज सरस्वती, महंत शुभम गिरी, महंत महेश पुरी, महंत केदार पुरी, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी दिनेश दास, साध्वी सोनिया पुरी, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, स्वामी ज्योर्तिमयानंद, समाजसेवी कदम सिंह मलिक, सुधीर पाल सहित बड़ी संख्या में संत महंत और श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

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