तनवीर
कोयला और लकड़ी का चूल्हा जलाकर काम चला रहे व्यापारी
ईंधन की लागत बढ़ने से खाने के दाम बढ़े
ढाबों ठेलीयों पर 15 और रेस्टोरेंट में 25 रूपए में मिल रही एक कप चाय
हरिद्वार, 15 मार्च। अमेरिका-इजरायल और इरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते रसोई गैस की किल्लत के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लगने से हरिद्वार के तमाम होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। प्रमुख धर्मनगरी होने के चलते रोजाना हजारों की संख्या में यात्री गंगा स्नान व अन्य धार्मिक कार्यो के लिए हरिद्वार आते है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक भी रोजाना हरिद्वार पहुंचते हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक शहर में जगह-जगह खुले रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं। लेकिन कर्मिशयल सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लगने से कई रेस्टोरेंट में काम बंद हो गया है।
जिससे बाहर से आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ रेस्टोरेंट में लकड़ी का चूल्हा और कोयले की भट्टी जलाकर काम चला रहे हैं। ईंधन की लागत बढ़ने से खाने के दाम भी बढ़ गए हैं। आमतौर पर ढाबों और ठेलीयों पर 10 रूपए में मिलने वाले एक कप चाय के दाम गैस की किल्लत के चलते 15 रूपए पर पहुंच गए हैं। जबकि रेस्टोंरेंट में एक कप चाय 25 रूपए में मिल रही है। रेस्टोरेंट चलाने वाले व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे और गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो काम बंद करना पड़ेगा।
व्यापारी नेता संजीव नैय्यर ने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में साढ़े तीन हजार रूपए में मिल रहा है। जिससे लागत बढ़ गयी है। रेस्टोरेंट संचालक प्रमोद ने बताया कि तंदुर से काम चला रहे हैं। उनके पास एक कमर्शियल सिलेंडर है। वह भी खत्म होने वाला है। सिलेंडर खत्म होने के बाद काम बंद करना पड़ेगा।


