तनवीर
पार्षद अहसान अंसारी ने उठाया मीट की दुकानों को शहर से बाहर शिफ्ट करने का मुद्दा
हरिद्वार, 6 अप्रैल। सोमवार को आयोजित की गयी नगर निगम बोर्ड की बैठक में 225 करोड़ का बजट पास किया गया है। भाजपा कांग्रेस पार्षदों की तीखी नोकझोंक और हंगामे के बीच बैठक में पेश किए गए सभी 104 प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित कर दिए गए। बैठक के दौरान भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस सेे माहौल गरमाया रहा। इसके बावजूद बोर्ड ने विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 255 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी प्रदान की गई। पारित प्रस्तावों में अतिक्रमण हटाने, सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, बेहतर प्रकाश व्यवस्था तथा विभिन्न वार्डों में निर्माण कार्यों के प्रस्ताव शामिल हैं। मेयर किरण जैसल ने बताया कि सभी 104 प्रस्तावों को पास कर दिया गया है। साथ नगर निगम के अनुमानिक आय व्यय के बजट को भी स्वीकृति दे दी गई है। मेयर ने कहा कि प्रस्तावों के लागू होने से शहर की आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
बैठक में वार्ड 44 के पार्षद अहसान अंसारी ने मीट की दुकानों को शहर से बाहर शिफ्ट किए जाने को लेकर कहा कि पुराने बॉयलाज को कब निरस्त किया गया है। जो नया बॉयलाज बनाया जा रहा है। दुकानें किस प्रस्ताव के अंतर्गत बनायी गयी हैं। इसकी कोई जानकारी पार्षदों को नहीं दी गयी है। जो ड्राफ्ट तैयार किया गया है। उसमें दुकानें नगर निगम के नियमों से संचालित होंगी या ग्राम पंचायत के नियम चलेंगे।
अहसान अंसारी ने यह भी कहा कि उपनगरी ज्वालापुर की लाखों की आबादी के लिए यह भी उल्लेख नहीं है कि यदि कोई व्यक्ति शादी समारोह के लिए सराय में शिफ्ट की जा रही दुकानों से मीट खरीदकर ज्वालापुर में लाता है तो कोई कार्रवाई तो नहीं होगी। उन्होंने भारी रकम का जुर्माना तय करने पर भी नाराजगी जतायी। वर्तमान में ज्वालापुर में मीट की सैकड़ों दुकानें संचालित हो रही है। लेकिन सराय में केवल 56 दुकानों का निर्माण किया गया है। ऐसे में किस किस को दुकानें मिलेंगी। यह भी एक बड़ा सवाल है। पार्षद अरशद ख्वाजा ने कहा कि बकरा ईद पर कुर्बानी को लेकर भी नगर निगम को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।


