हरिद्वार, 15 अक्टूबर। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने एवं आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थाना बहादराबाद पुलिस द्वारा एक अनूठी पहल की गई। बहादराबाद में आयोजित रामलीला के दौरान उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने रामायण के प्रसंगों के माध्यम से सैकड़ों दर्शकों को साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी।
रामलीला के अरण्य काण्ड में वर्णित सीता हरण के प्रसंग का उदाहरण देते हुए उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने बताया कि जिस प्रकार रावण ने साधु का वेश धारण कर छलपूर्वक माता सीता का हरण किया था। उसी प्रकार आज साइबर अपराधी भी अलग-अलग रूप धारण कर लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रावण के दस सिरों की भांति आज के डिजिटल रावण भी अनेक तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
साइबर अपराधी कभी कस्टमर केयर प्रतिनिधि, कभी सीबीआई या पुलिस अधिकारी, कभी बैंक कर्मचारी तो कभी रिश्तेदार बनकर लोगों को डराते या प्रलोभन देते हैं। इसके अतिरिक्त एआई डीपफेक, फर्जी लॉटरी, केवाईसी अपडेट और संदिग्ध लिंक के माध्यम से लोगों की मेहनत की कमाई ठगने का प्रयास किया जाता है। उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने आमजन से साइबर अपराधों से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि ओटीटी और पासवर्ड गोपनीय रखें।
किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीटीपी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी या पासवर्ड साझा न करें। अनजान और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल के प्रति सतर्क रहें। सोशल मीडिया सुरक्षित रखें। फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड मजबूत रखें तथा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें। एटीएम पर सतर्क रहें। एटीएम बूथ के अंदर अनजान व्यक्ति की सहायता लेने से बचें और अपना पिन गोपनीय रखें।
लुभावने प्रस्तावों से सावधान रहें। नौकरी, लॉटरी, फर्जी लोन या अन्य आकर्षक प्रलोभनों में आकर अपनी निजी एवं बैंकिंग जानकारी साझा न करें। अनजान ऐप डाउनलोड न करें। मोबाइल में किसी अनजान ऐप को डाउनलोड करने से बचें तथा रिमोट एक्सेस देने वाले ऐप के प्रति विशेष सावधानी बरतें। एआई और डीपफेक से सतर्क रहें। किसी रिश्तेदार के दुर्घटनाग्रस्त होने या तत्काल रुपये मांगने की सूचना मिलने पर बिना सत्यापन पैसे न भेजें। संबंधित व्यक्ति से किसी अन्य विश्वसनीय माध्यम से संपर्क कर पुष्टि अवश्य करें।
उप निरीक्षक ने हेमदत्त भारद्वाज ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है, तो घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अतिरिक्त आधिकारिक पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। उन्होंने बताया कि समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई धनराशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने अपील की कि साइबर अपराधियों के झांसे में न आएं, स्वयं जागरूक रहें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।




