भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी के अधिवेशन के माध्यम से सामने लाएंगे वास्तविक तथ्य
हरिद्वार, 28 अक्टूबर। योग गुरू बाबा रामदेव ने सनातन धर्म की छवि की धूमिल करने के लिए धार्मिक ग्रंथों में वर्णित तथ्यों को तोड़ मरोड़कर भ्रामक तरीके से प्रस्तुत करने और भगवान शिव, भगवान राम, माता सीता और श्रीकृष्ण आदि देवी देवताओं का गलत चित्रण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सनातन धर्म की परंपराओं और धार्मिक ग्रंथों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का तथ्यात्मक जवाब दिया जाएगा। कनखल स्थित दिव्य योग मंदिर में आयोजित प्रैसवार्ता के दौरान स्वामी रामदेव ने बताया कि पतंजलि की ओर से आयोजित किए जा रहे भारतीय प्राच्य विद्या परिषद के 104वें अधिवेशन में इन विषयों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वास्तविकता सामने रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा धर्मशास्त्रों और पुराणों के संदर्भ में फेरबदल कर ऐसी बातें प्रस्तुत की जा रही हैं, जिनसे सनातन धर्म की मान्यताओं और आराध्य देवी-देवताओं की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों, प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और सनातन धर्म से जुड़े विषयों पर तथ्यों एवं प्रमाणों के आधार पर चर्चा होना आवश्यक है। आस्था से जुड़े विषयों को लेकर भ्रामक धारणाएं फैलाने के बजाय उनके वास्तविक संदर्भों को समझा जाना चाहिए। स्वामी रामदेव ने जानकारी देते हुए बताया कि पतंजलि की ओर से 29 अक्टूबर से आयोजित किए तीन दिवसीय भारतीय प्राच्य विद्या परिषद के 104वें अधिवेशन में इन विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिवेशन का शुभारंभ उत्तराखंड के राज्यपाल करेंगे।
अधिवेशन में शंकराचार्य, शीर्ष धर्माचार्य, देश विदेश के अनेक विद्वान शामिल होंगे। अधिवेशन के माध्यम से प्राचीन भारतीय ज्ञान, धर्मशास्त्रों और सनातन परंपराओं से जुड़े तथ्यों को सामने रखते हुए विभिन्न दावों की पड़ताल की जाएगी। प्रैसवार्ता में पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण भी मौजूद रहे।




