भेल ने बनायी इलेक्ट्रोस्टेटिक डिसइंफेक्शन मशीन

Haridwar News Uttarakhand
Spread the love

तनवीर

हरिद्वार, 4 अप्रैल। तमाम देशों में पैर पसार चुके कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरी दुनिया के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। इसी संदर्भ में बीएचईएल एवं वैज्ञानिक तथा औद्यौगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के संयुक्त प्रयासों से एक इलेक्ट्रोस्टेटिक डिसइंफेक्शन मशीन का विकास किया गया है। भेल के कार्यपालक निदेशक (हीप) संजय गुलाटी ने भेल अस्पताल में इस मशीन का लोकार्पण किया। संजय गुलाटी ने कहा कि अस्पतालों, क्वैरेन्टाइन सेंटर्स, विद्यालयों, कार्यालयों तथा अतिथि गृहों आदि में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में यह मशीन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी ।

उन्होंने बताया कि इस मशीन द्वारा प्रथम चरण में बीएचईएल के अस्पताल परिसर में बड़े पैमाने पर कीटाणुनाशक का छिड़काव किया गया। उल्लेखनीय है कि इस पोर्टेबल मशीन के माध्यम से इंडोर एरिया जैसे कि अस्पतालों, कार्यालयों आदि के अंदर भी प्रभावी रूप से कोविड डिसइंफेक्टेंट का छिड़काव किया जा सकेगा तथा इसमें डिसइंफेक्टेंट की कम मात्रा का प्रयोग होने से उसकी बचत भी होगी। इस मशीन से निकलने वाली तीव्र, सूक्ष्म और आवेशित तरल बूंदें बारीक सतहों तक पहुंच कर एक कीटाणुनाशक परत बनाने का कार्य करती हैं।