हरिद्वार, 30 जुलाई। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने श्री दक्षिण काली घाट पर विधिवत गंगा पूजन कर प्रतिवर्ष सावन के पूरे महीने चलने वाली विशेष शिव साधना का शुभारंभ किया। इस दौरान स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना और साधना का सर्वोत्तम एवं पुण्यदायी काल है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से विश्व का कल्याण हो।
भारत और उत्तराखंड उन्नति के पथ पर आगे बढ़ें। इसी उद्देश्य से वे प्रतिवर्ष शिव साधना करते हैं। स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि गंगा पूजन और मौन व्रत धारण करने के उपरांत गुरूदेव द्वारा भगवान शिव के निमित्त निरंतर रूद्राभिषेक का दिव्य एवं विशेष अनुष्ठान शुरू किया जाएगा।
स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि गुरूदेव स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज पूरे सावन माह प्रतिदिन 22 से 23 घंटे एक ही आसन में बैठकर राष्ट्र की सुख समृद्धि, सनामन धर्म की उन्नति, विश्वशांति तथा लोक कल्याण के लिए कठिन शिव साधना करेंगे। गंगा पूजन के दौरान स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद ब्र्हम्मचारी, बाल मुकुंदानंद ब्रह्मचारी, पंडित पवन दत्त मिश्र सहित कई श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।


