गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय पहुंचे पाकिस्तान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश खलीलुर्रहमान रमदे

Haridwar News
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ब्यूरो


हरिद्वार, 5 मार्च। शहीद भगत सिंह को दी गई फांसी के लिए पाकिस्तान लाहौर हाईकोर्ट में चले मुकदमे के ट्रायल को गुरुकुल कांगड़ी को उपलब्ध कराने वाले पाकिस्तान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश खलीलुर्रहमान रमदे बुधवार को गुरूकुल कांगड़ी विवि पहुंचे। रमदे देहरादून के एक निजी महाविद्यालय में एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे। देहरादून से लौटते हुए वे पाकिस्तान से 2012 में गुरुकुल में आए लक्ष्मण शर्मा के निवास पर पहुँचे।

लक्ष्मण शर्मा की पत्नी रेती देवी को रमदे अपनी पुत्री मानते हैं। गुरुकुल के सुरम्य वातावरण को देखकर उन्होंने कहा कि विश्व में ऐसी शिक्षण संस्था और कहीं नहीं है। यहां की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों द्वारा किए जा रहे शोध पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान स्वामी श्रद्धानंद महाराज के समय से ही देश दुनिया को प्रेरणा देता आया है।

उन्होंने कहा कि भगत सिंह भारत के ही नहीं बल्कि वे तत्कालीन संपूर्ण हिंदुस्तान के नायक थे। जिन्होंने अपने बलिदान से भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में नई जान फूँक दी थी। वर्तमान भारत के साथ ही पाकिस्तान और बांग्लादेश भी भगत सिंह का ऋणी रहेगा।