भारतीय संस्कृति का अत्यंत पवित्र पर्व है गुरू पूर्णिमा-रामविशाल दास

Haridwar News
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हरिद्वार, 29 जुलाई। भूपतवाला स्थित ओम मुरारी आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान उत्तराखंड, यूपी, पंजाब, हरियाणा आदि प्रदेशों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर ब्रह्मलीन संत निजानंद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम रामायण पाठ, हवन, पूजन आदि भी आयोजित किए गए। इस अवसर पर स्वामी रामविशाल दास ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का अत्यंत पवित्र पर्व है।

गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि व्यक्ति के जीवन का निर्माण कर उसे धर्म, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देते हैं। गुरु के बताए आदर्शों को अपनाकर ही व्यक्ति अपने जीवन को सफल और समाज को संस्कारित बना सकता है। रामविशाल दास ने कहा कि आश्रम में आयोजित ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में सद्भाव, संस्कार और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से गुरु परंपरा का सम्मान करते हुए अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया और कहा कि जिसको भी गुरु धारण करंे पूरी श्रद्धा से उसकी सेवा करें।

गुरु ही मोक्ष तक पहुंचाता है। एकलव्य ने भी गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए अपना अंगूठा गुरु के चरणों में भेंट कर दिया था। गुरु की आज्ञा को प्रभु की आज्ञा मानना चाहिए। इस अवसर पर महंत ओमदास, ओम मुरारी आश्रम धर्मार्थ सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष विपिन शर्मा, सचिव राकेश कुमार, कपिल कुमार गर्ग, मनोज चावला, कपिल दीप, एड.सौरभ महेश्वरी, सुनील कुमार बिट्टू आदि उपस्थित रहे।

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