हरिद्वार, 30 सितम्बर। हरिद्वार वन प्रभाग ने इस वर्ष बाईस सौ वन्यजीवों को रेस्क्यू किया है। वन विभाग के 1 जनवरी से 24 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार जिले की अलग-अलग रेंज में 2,221 वन्यजीवों का रेस्क्यू किया गया है। सबसे अधिक सांप रेस्क्यू किए गए है। जिनमें 370 कोबरा, 323 वाइपर, 246 धामन और 212 अजगर शामिल हैं।
रेंजवार आंकड़ों के अनुसार हरिद्वार रेंज में 1145, लकसर में 359, चिड़ियापुर में 297, खानपुर में 165, रुड़की में 152 और श्यामपुर रेंज में 103 वन्यजीवों को रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों में पक्षी, मगरमच्छ, गोह, कछुए और गुलदार समेत अन्य वन्यजीव भ्शामिल हैं। सितम्बर माह में सबसे अधिक वन्यजीव रेस्क्यू गिए गए हैं। जनपद में सांप निकलने की घटनाए बढ़ी हैं।
जनवरी से सितम्बर के दौरान नौ महीने की अवधि में वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने 370 कोबरा रेस्क्यू किए हैं। 2 गुलदार, 20 कछुए, 54 गोह और 50 मगरमच्छ भी रेस्क्यू किए गए। इसके अलावा 192 पक्षियों को भी रेस्क्यू किया गया। 62 नीलगाय, सांभर और चीतल रेस्क्यू किए गए हैं। वन विभाग के अनुसार सांप रेस्क्यू किए जाने के मामले गर्मी और बारिश के मौसम में अक्सर बढ़ते हैं।
तापमान, बारिश और प्राकृतिक आवास में बदलाव के कारण सांप भोजन और सुरक्षित जगह की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास पहुंचते हैं। हरिद्वार में जंगल और आबादी वाले क्षेत्र कई जगह एक-दूसरे के करीब हैं। ऐसे में घरों, खेतों, औद्योगिक क्षेत्रों और सड़क किनारे सांप या दूसरे वन्यजीव दिखाई देने पर लोगों को वन विभाग की रेस्क्यू टीम की मदद लेनी पड़ती है।


