हरिद्वार, 24 जून। महर्षि विद्या मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय व्यावसायिक विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों की कार्यक्षमता और कौशल को निखारने के लिए व्यावसायिक विकास, व्यावसायिक शिक्षा, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की उपयोगिता, अध्ययन योजना, मूल्य शिक्षा का महत्व, भारतीय ज्ञान परम्परा तथा विद्यार्थियों का स्वास्थ्य एवं कल्याण आदि का प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य अतिथि गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डा.सुयश भारद्वाज ने आधुनिक शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर व्याख्यान दिया। ज्योति हरबोला ने स्कीम ऑफ स्टडीज़ और विनय प्रकाश ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर व्यावहारिक सुझाव साझा किए। महर्षि शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष ब्रह्मचारी गिरिश ने अपने संदेश में मूल्य-आधारित शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि सभी शिक्षकों को नियमित रूप से भावातीत ध्यान का अभ्यास निरंतर करना चाहिए, क्योंकि यह मानसिक शांति और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव त्यागी ने कहा कि आज के बदलते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक शिक्षण का हिस्सा बन चुकी हैं। ऐसे में शिक्षकों का निरंतर नया सीखते रहना और खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक समृद्ध शिक्षक ही देश के भविष्य का सही निर्माण कर सकता है। महर्षि विद्या मंदिर शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा।


